मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में एक साल के भीतर 7148 करोड़ और 2018 में 3004 करोड़ का ऋण लिया गया। इससे प्रदेश की वित्तीय स्थिति बिगड़ गई, जिसका खामियाजा आज भुगत रहे हैं। वर्तमान सरकार ने संयम रखा और ऋण काफी कम लिया हैै।
केंद्र सरकार किसी भी राज्य को अतिरिक्त वित्तीय मदद नहीं दे रही है। सरकार ने दस हजार करोड़ से ज्यादा की फंडिंग के प्रोजेक्ट केंद्र से स्वीकृत कराए हैं। पूर्व सरकार ने विकास पर नहीं, मौज-मस्ती पर राशि खर्च की।
उन्होंने कहा में मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कें बनेंगी। हर साल 40 से 45 हजार मकान बनते हैं। इनके लिए बिजली सरकार दे रही है। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत कुल 1099 प्रस्ताव आए। इनको 60 लाख तक के ऋण सरकार देगी।
सीएम ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने बजट पर चर्चा की लेकिन 2019-2020 के बजट पर एक शब्द नहीं कहा। सरकार ने 1.58 लाख लोगों को वृद्धा अवस्था पेंशन दी है। 41 विस क्षेत्रों में लोक भवन बन रहे हैं।
हिमकेयर योजना से 2.89 लाख लोग जोड़े हैं। गुड़िया हेल्प लाइन से मिली शिकायतों में से 99 फीसदी सुलझाईं। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। मीडिया में बजट को सराहा गया।