हिमाचल प्रदेश का एक भी आईएफएस अधिकारी नाकारा नहीं है। शुक्रवार को आईएफएस अधिकारियों के सर्विस रिव्यू के लिए गठित कमेटी ने अंतिम बैठक में प्रदेश के सभी अफसरों को क्लीन चिट दे दी।
कमेटी को रिव्यू के दौरान एक भी ऐसा अफसर नहीं मिला, जिसे तय समय से पहले रिटायरमेंट के लिए सिफारिश की जाए। हालांकि, कमेटी की क्लीन चिट के बाद चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। सूत्रों की मानें तो प्रदेश में कई ऐसे आईएफएस अधिकारी हैं, जिनका सर्विस रिकॉर्ड खराब रहा है।
ऐसे भी कई अधिकारी हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले तक दर्ज हैं, लेकिन इसके बाद भी रिव्यू कमेटी अफसरों के खिलाफ कलम नहीं चला सकी। हालांकि, रिव्यू कमेटी की क्लीन चिट के बाद अब आईएफएस अधिकारियों पर लटकी कार्रवाई की तलवार हट गई है।
गौरतलब है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने केंद्रीय सेवाओं में कार्यरत नाकारा अफसरों को हटाने के लिए यह व्यवस्था शुरू की थी। इसी क्रम में कुछ समय पहले इनकम टैक्स विभाग के करीब तीन दर्जन अफसरों को अचानक रिटायरमेंट लेना पड़ गया था।
आधिकारिक सूत्रों की मानें तो यह व्यवस्था सिर्फ सिस्टम में शामिल नाकारा और बोझ बन चुके अफसरों को हटाने और सिस्टम को दुरुस्त कर तेजरफ्तार से चलाने के लिए शुरू की गई थी।