आईजी शिमला रेंज हिमांशु मिश्र ने विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार को उनके कार्यालय में डीजीपी संजय कुंडू की मौजूदगी में एक प्रस्तुति दी। बताया गया कि हिप्र विधानसभा सुरक्षा सेवा का गठन विशेष रूप से दोनों विधानसभाओं शिमला व धर्मशाला की आंतरिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित है।
हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्यपाल से हुई अभद्रता के बाद भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने के लिए हिमाचल प्रदेश विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था में आमूल चूल परिवर्तन के लिए खाका तैयार कर लिया गया है। 86 लोगों की भर्ती का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जो विधानसभा के कर्मचारी होंगे और पूरे साल परिसर की सुरक्षा व उसके अंदर की कानून व्यवस्था संभालेंगे।
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इन कर्मियों की नई प्रस्तावित विधानसभा सुरक्षा सेवा के तहत भर्ती की जाएगी। इसमें भर्ती होने वालों के लिए कमांडो प्रशिक्षण प्राप्त होना जरूरी होगा। शुक्रवार को आईजी शिमला रेंज हिमांशु मिश्र ने विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार को उनके कार्यालय में डीजीपी संजय कुंडू की मौजूदगी में एक प्रस्तुति दी। बताया गया कि हिप्र विधानसभा सुरक्षा सेवा का गठन विशेष रूप से दोनों विधानसभाओं शिमला व धर्मशाला की आंतरिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित है।
यह सेवा परिसर के अंदर सदस्यों व सभी अतिथियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी और दोनों विधानसभाओं शिमला व धर्मशाला के भवनों, परिसरों, गाड़ियों तथा उपकरणों की सुरक्षा करने का जिम्मा भी सुरक्षा सेवा के पास रहेगा। विशेष सचिव सुरक्षा का एक पद सृजित किया जाएगा, जिस पर पुलिस अधीक्षक स्तर का अधिकारी बैठेगा। यह अधिकारी इस सेवा का प्रमुख होगा और इसके अधीन विभिन्न रैंक के कुल 86 अधिकारी व सुरक्षा कर्मचारी कार्य करेंगे। इस प्रस्ताव को अब विधानसभा सचिवालय राज्य सरकार को भेजेगा और उसकी मंजूरी के बाद इन पदों पर भर्ती की जाएगी।