सरकार ने संशोधित विधेयक के माध्यम से कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब कर्मियों को ज्वाइनिंग की तारीख से वरिष्ठता और वित्तीय लाभ नहीं मिलेंगे। कर्मचारियों की वरिष्ठता उनके नियमित होने पर ही तय होगी। अनुबंध सेवाकाल को इसमें नहीं जोड़ा जाएगा। यह बदलाव विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए है, जिनकी वरिष्ठता को लेकर पहले अदालत से आदेश जारी किए गए थे। इस विधेयक का उद्देश्य नियमित सरकारी कर्मचारियों एवं अनुबंध आधार पर नियुक्त कर्मियों के हितों के बीच तालमेल स्थापित करना है। शिक्षा विभाग ने बीते वर्ष जेओए आईटी की वरिष्ठता सूची तैयार करते हुए अनुबंध सेवाकाल की भी गणना की थी। अब प्रदेश में नया कानून लागू होने के बाद शिक्षा विभाग ने इस वरिष्ठता सूची को रद्द करते हुए पुरानी वरिष्ठता सूची को ही मान्य करार दिया है।