आईएसबीटी, टुटू, पंथाघाटी और समरहिल में सड़क किनारे स्टॉल लगाकर बेचे जा रहे पटाखे, प्रशासन बेखबर
विस्फोटक नियमों के तहत लाइसेंस और निर्धारित स्थान अनिवार्य, आग लगने पर आसपास की दुकानों और रिहायशी क्षेत्रों को भी खतरा
हर्षित शर्मा
शिमला। राजधानी में दिवाली से पहले जिला प्रशासन के नाक तले उपनगरों में पटाखों की बिक्री शुरू हो गई है। जिला प्रशासन अभी पटाखों की बिक्री को लेकर बैठकें ही कर रहा है कि दूसरी ओर कई दुकानदारों ने बिना लाइसेंस लिए ही इनकी बिक्री शुरू कर दी है।
शहर के आईएसबीटी, टुटू, पंथाघाटी और समरहिल समेत कई क्षेत्रों में दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर पटाखों के स्टॉल सजा दिए हैं। रविवार को भी इनकी बिक्री जारी रही। सड़क किनारे खुले में हो रही बिक्री से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। साथ ही जिला प्रशासन के दावों की भी पोल खुल रही है। इन स्थानों पर लोगों और वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में पटाखों में आग लगने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है। नियमानुसार पटाखों की बिक्री सामान्य दुकानों की तरह नहीं की जा सकती। इसके लिए विस्फोटक अधिनियम 1884 और विस्फोटक नियम 2008 के तहत वैध लाइसेंस अनिवार्य है। जिला प्रशासन ने अभी लाइसेंस जारी नहीं किए हैं। अभी लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू होनी है। आबादी वाले इलाकों या बाजारों के पास पटाखे बेचने पर प्रतिबंध रहता है। अस्थायी बिक्री केंद्र के लिए भी सक्षम अधिकारी से लाइसेंस लेना जरूरी है। कुछ दिन पहले ही उपायुक्त अनुपम कश्यप ने आदेश जारी कर सड़क किनारे स्टॉल, वाहनों और अनधिकृत अस्थायी ढांचों में पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने को लेकर दिशा निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद उपनगरों में पटाखे बिकने शुरू हो गए हैं।
ये हैं नियम
विस्फोटक नियम 2008 के नियम 84 के तहत अस्थायी पटाखा दुकानों के लिए लाइसेंस अनिवार्य है। दुकानों के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी होनी चाहिए। दुकान गैर ज्वलनशील सामग्री से बने सुरक्षित ढांचे में होनी चाहिए। दुकान के 50 मीटर के दायरे में पटाखों का प्रदर्शन प्रतिबंधित है। शहर में दिवाली से तीन से चार दिन पहले ही पटाखे बेचने की अनुमति दी जाती है लेकिन कई दुकानदार एक हफ्ते पहले ही पटाखे बेच रहे हैं। बिना मंजूरी पटाखे बेचने पर मुकदमा तक दर्ज हो सकता है।
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अवैध बिक्री पर होगी कार्रवाई
शहर में अभी पटाखों की बिक्री को लेकर जिला प्रशासन ने लाइसेंस जारी नहीं किए हैं। दिवाली से चार दिन पहले ही पटाखे बेचने की अनुमति मिलती है। चिह्नित किए स्थानों पर ही इन्हें बेचने की मंजूरी मिलेगी। यदि कोई कारोबारी बिना अनुमति पटाखे बेच रहा है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-पंकज शर्मा, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर