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तनख्वाह बढ़ी मगर काम करने को तैयार नहीं कर्मचारी

Mon, 07 Sep 2015 11:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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सैहब सोसाइटी के तहत काम कर रहे गारबेज कलेक्टर 7700 रुपये मासिक वेतन पर भी काम करने को तैयार नहीं। नगर निगम ने रविवार को गारबेज कलेक्टरों के वेतन में 1400 रुपये की बढ़ोतरी का फैसला लिया था। बावजूद इसके सोमवार को गारबेज कलेक्टर काम पर नहीं लौटे।
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गारबेज कलेक्टरों के काम पर न लौटने के बाद अब बुधवार से पूरे शहर में पहले की तरह डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन शुरू करने के दावे पर संशय पैदा हो गया है। हड़ताली कर्मचारी सैहब सोसाइटी के नगर निगम में विलय पर अड़े हुए हैं।

रविवार को नगर निगम के अधिकारियों और सैहब सोसाइटी के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में वेतन बढ़ोतरी का फैसला किया था। सैहब सोसाइटी के कर्मचारियों को पहले 6300 (ग्रास) रुपये वेतन दिया जा रहा था। इसके बाद निगम ने 6300 से बढ़ा कर वेतन 7300 करने का फैसला लिया।
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सुबह 7 से शाम 5 बजे तक उठाते हैं कूड़ा
सैहब सोसाइटी कर्मचारी यूनियन के सलाहकार नरेश शर्मा ने कहा कि गारबेज कलेक्टर सुबह सात से शाम पांच बजे तक डोर टू डोर कूड़ा उठाते हैं। एरिया के हिसाब से कुछ जगहों पर सुबह सात बजे से दो बजे तक कूड़ा उठाने का काम होता है।

6000 में नहीं हो सकता गुजारा
कर्मचारी यूनियन वेतन में की गई वृद्धि से संतुष्ट नहीं है। यूनियन के सलाहकार नरेश शर्मा का कहना है कि 7700 में से 1700 रुपये तो ईपीएफ में चले जाएंगे। कर्मचारी को कैश इन हैंड 6000 रुपये मिलेगा इतने पैसे में गुजारा नहीं हो सकता।

दावा, पीएमओ ने मांगी है कर्मियों की लिस्ट
सैहब सोसाइटी कर्मचारी यूनियन ने दावा किया है कि उनके साथ हो रहे अन्याय की शिकायत उन्होंने ईमेल के जरिये प्रधानमंत्री कार्यालय से की थी। अब उन्हें मेल के माध्यम से ही जवाब आया है। अग्रिम कार्यवाई के लिए पीएमओ ने कर्मचारियों की पूरी सूची मांगी है।
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