इस दौरान जाम की स्थिति भी बनी रही। बेटे की शहादत के गम में डूबे शहीद के पिता राय सिंह (75) और मां शकुंतला देवी (70) बेसुधी की हालत में हैं। पति की शहादत की खबर सुनने के बाद पत्नी रंजना देवी खुद को संभाल नहीं पा रही हैं। शहीद की दो बेटियां हरीतिका (12), कृतिका (10) और बेटे रुद्रांश (4) के सिर से पिता का साया उठ गया।
हवलदार जोरावर सिंह ने 26 वर्ष पहले सेना में नौकरी शुरू की थी। वर्ष 2019 में सेना की नौकरी से उन्होंने सेवानिवृत्त होना था। सवा दो साल पहले पठानकोट एयरबेस आतंकी हमले में शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के ही सियूंह गांव के हवलदार संजीवन राणा (51) आतंकी मुठभेड़ में शहीद हो गए थे।