राष्ट्रपति के आगमन पर लगाई गई एंबुलेंस की इस हालत ने राष्ट्रीय सेवा प्रदाता एजेंसी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पूर्व स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने भी एंबुलेंस का औचक निरीक्षण कर कई खामियां गिनाईं थीं। उन्होंने एंबुलेंस के लाइसेंस को रद्द करने की बात कही थी।
राष्ट्रीय एंबुलेंस 108 के प्रभारी आकाशदीप ने कहा कि मुआयना करने के बाद ही एंबुलेंस राष्ट्रपति की ड्यूटी पर लगाई गई थी। सभागार की पार्किंग में चालक ने इसे स्टार्ट करने की कोशिश की तो उसका सेल्फ अचानक जल गया।
मौके पर सहायक स्टाफ मौजूद था, उसने एंबुलेंस को धक्का मारकर स्टार्ट करवा दिया। इस घटनाक्रम को एक मिनट या इससे भी कम समय लगा। बाद में एंबुलेंस काफिले में निर्धारित स्थान पर पहुंच गई थी। प्रभारी के अनुसार यह तकनीकी गड़बड़ी थी।
कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच महज साठ मिनट के कार्यक्रम के लिए नौणी विवि पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने यहां लगभग 100 मिनट बिताए। हिमाचल निर्माता पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार का जिक्र और विश्वविद्यालय की नब्ज टटोलते हुए राष्ट्रपति नौणी विवि के डॉ. एलएस नेगी सभागार स्थल तक पहुंचे।
राष्ट्रपति का यहां पूर्व निर्धारित कार्यक्रम सुबह 11 बजे से था। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद नौणी विवि परिसर में तय समय से करीब 20 मिनट पहले पहुंच गए। विवि परिसर में बने हेलीपैड में उनका हेलीकाप्टर दस बजकर 40 मिनट पर उतरा।
इसके बाद राष्ट्रपति गाड़ियों के काफिले में डॉ. एलएस नेगी सभागार पहुंचे। यहां शोभायात्रा के रूप में उन्हें सभागार तक लाया गया। राष्ट्रपति 10:45 बजे सभास्थल पर मौजूद थे। बेहद चौकस सुरक्षा तंत्र ने सभास्थल को दस बजे सील कर दिया था।
सभास्थल तक पहुंचने से पूर्व पांच चरणों में सुरक्षा के इंतजाम थे। इसमें मुख्य गेट से सभागार तक अलग-अलग सुरक्षा कर्मी एक-एक व्यक्ति की जांच कर उन्हें अंदर जाने की इजाजत दे रहे थे।
किसी भी व्यक्ति, छात्र या उनके परिजनों को मोबाइल, बैग या चश्मा पहनकर अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई। ठीक दस बजे गेट बंद कर दिए गए और अगले 45 मिनट तक हॉल में मौजूद लोग सिर्फ राष्ट्रपति के दाखिल होने का इंतजार करते रहे।
10:45 मिनट पर राष्ट्रपति सभागार में पहुंचे। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। राष्ट्रपति ने इस दौरान गोल्ड मेडल हासिल करने वाले आठ छात्रों को सम्मानित किया। राष्ट्रपति से पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यपाल ने मौजूद छात्रों और उनके अभिभावकों को संबोधित किया।
करीब 11:45 पर राष्ट्रपति का संबोधन शुरू हुआ। उन्होंने अपनी बात की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार से की। नौणी विवि के अनुभव को पूरे देश के विश्वविद्यालयों के साथ बांटने का भी हवाला दिया।
राष्ट्रपति का संबोधन करीब 10 मिनट का रहा। इसके बाद एक बार फिर राष्ट्रगान के बाद राष्ट्रपति सभास्थल से बाहर आ गए। करीब 12:20 पर उनका हेलीकाप्टर शिमला के लिए रवाना हुआ।