पुलिस प्रशासन से अतिरिक्त बल तैनात करने की मांग
प्रवेश परीक्षा के समय छात्र गुटों में होती रही है हिंसा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। इसके साथ ही परिसर में नए प्रवेश परीक्षा देने आने वाले छात्रों को रिझाने अपने से जोड़ने के लिए छात्र संगठन परिसर में सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे में छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच तनतनी और मारपीट होने की आशंका बढ़ जाती है।
विवि में अधिकतर हिंसा की बड़ी घटनाएं प्रवेश परीक्षाओं के समय में ही होती रही हैं। प्रवेश परीक्षाओं के दौरान परिसर में सुरक्षा इंतजाम कड़े करने की विवि प्रशासन तैयारी कर रहा है। इसके लिए विवि प्रशासन ने पुलिस प्रशासन से सहयोग की अपील की है। विवि प्रशासन पहले ही परिसर के लिए अतिरिक्त पुलिस के जवान तैनात किए जाने की मांग कर चुका है। दिसंबर 2024 में परिसर से हटाई रिजर्व को कम से कम प्रवेश परीक्षाओं के दौरान फिर से तैनात करने की मांग पुलिस प्रशासन से की गई है।
विवि के पास अपने 30 सुरक्षा कर्मी ही हैं। इनमें से करीब आठ कर्मी कुलपति, प्रति कुलपति की सुरक्षा और गार्ड ड्यूटी और सुरक्षा कंट्रोल रूम जैसी ड्यूटी में तैनात रहते हैं। शेष सुरक्षा कर्मी पूरे परिसर की सुरक्षा के लिए नाकाफी साबित होते हैं।
विवि के मुख्य सुरक्षा अधिकारी डीएसपी जीडी शर्मा ने कहा कि पुलिस प्रशासन से पुलिस जवान मांगे हैं। इन जवानों के मिलने पर परिसर में सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।
विवि के प्रति कुलपति प्रो. राजिंद्र वर्मा ने कहा कि विवि के मुख्य सुरक्षा अधिकारी पुलिस के आलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षक से संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि प्रवेश परीक्षा के समय में पुलिस प्रशासन के सहयोग से परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाएगी।
हाल में हो चुकी दो हिंसक घटनाएं
विवि की प्रवेश परीक्षाएं 17 मई से शुरू हो रही हैं। 11 मार्च और इससे तीन दिन पूर्व विवि में छात्र गुटों के बीच लड़ाई-झगड़े की दो घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे में प्रवेश परीक्षाओं के शुरू होने पर माहौल और बिगड़ सकता है। माहौल को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए विवि में पुलिस जवानों की तैनाती की आवश्यकता रहेगी, जिससे छात्र गुटों के आपस में उलझने की कोई घटना न हो।