धारा 118 मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने पूर्व मुख्य सचिव पी मित्रा से घंटों पूछताछ की। सूत्रों ने बताया कि मित्रा से करीब ढाई घंटे तक पूछताछ चली। मित्रा ने खुद पर लगाए गए अवैध वसूली के आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है।
उन्होंने बयान दिया है कि उनकी भूमिका तो महज फाइल को आगे सरकाने की ही रही है। इस बारे मेें वह कुछ नहीं जानते हैं। धारा 118 के तहत मंजूरी का मामला उनके कार्यक्षेत्र में नहीं आता। यह फै सला ऊपरी स्तर पर ही होता रहा है।
यह मालूम रहे कि विजिलेंस ब्यूरो कसौली के एक मामले में धारा 118 की मंजूरी के लिए पैसों का लेनदेन करने की जांच कर रहा है। विजिलेंस के पास इसके लिए सबूत के तौर पर एक सीडी है। इसमें रिकार्ड बातचीत के बाद ही विजिलेंस ब्यूरो मित्रा को लगातार पूछताछ के लिए बुला रहा है।