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SC आयोग सदस्य की फटकार, महिला आयोग तोड़ रहा लोगों के घर

Sat, 24 Jun 2017 12:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
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राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. स्वराज विद्वान ने हिमाचल सरकार और महिला आयोग को आड़े हाथों लिया। कहा कि मंडी के बालीचौकी क्षेत्र में नेत्रहीन लड़की से हुए रेप के मामले में राज्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग और महिला आयोग कोई कार्रवाई नहीं कर पाए। प्रदेश में महिला आयोग महज घर तोड़ने का काम कर रहा है। 
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जिन मामलों में आयोग को हस्तक्षेप करना चाहिए, उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। यह चिंता का विषय है। उपायुक्त कार्यालय मंडी में पत्रकारों से बातचीत में डॉ. स्वराज विद्वान ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी मीडिया के जरिये मिली है। राज्य महिला आयोग ने कार्रवाई करना तो दूर मामले की जानकारी तक राष्ट्रीय आयोग को नहीं दी है। वे पीड़ित लड़की का हालचाल जानने यहां आई हैं।
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पीड़ित लड़की को 8.5 लाख मुआवजा देगा केंद्र

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लड़की को आर्थिक मदद नहीं दे पाई है। सीएम रिलीफ फंड से महज पेट दर्द के लिए पैसा जारी किया जा रहा है, दूसरी ओर जघन्य अपराध का शिकार हुई अनाथ, बेसहारा लड़की की सुध लेने को सरकार के साथ अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग भी सामने नहीं आया है।

कहा कि पीड़ित बच्ची इन दिनों बीमार है। घर के हालात भी बहुत खराब हैं। दादा-दादी पीड़िता समेत उसके चचेरे भाई-बहनों का पालन-पोषण कर रहे हैं। घर में कमाने वाला कोई नहीं है। पीड़िता के स्वस्थ होने के बाद उसे वे देहरादून स्थित नेत्रहीन स्कूल में दाखिला दिलाने की कोशिश करेंगी।

लड़की को साढ़े आठ लाख का मुआवजा केंद्र सरकार से जल्द दिया जाएगा। इसके लिए उपायुक्त ने जल्द मुआवजा राशि की पहली किस्त सौंपने का आश्वासन आयोग को दिया है। उन्होंने सामाजिक संगठनों और उद्योगपतियों से पीड़िता को आर्थिक मदद देने का आह्वान किया है। इस दौरान महिला मोर्चा अध्यक्ष सुमन ठाकुर, भाजपा जिलाध्यक्ष रणवीर सिंह भी उपस्थित रहे।
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