राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. स्वराज विद्वान ने हिमाचल सरकार और महिला आयोग को आड़े हाथों लिया। कहा कि मंडी के बालीचौकी क्षेत्र में नेत्रहीन लड़की से हुए रेप के मामले में राज्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग और महिला आयोग कोई कार्रवाई नहीं कर पाए। प्रदेश में महिला आयोग महज घर तोड़ने का काम कर रहा है।
जिन मामलों में आयोग को हस्तक्षेप करना चाहिए, उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। यह चिंता का विषय है। उपायुक्त कार्यालय मंडी में पत्रकारों से बातचीत में डॉ. स्वराज विद्वान ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी मीडिया के जरिये मिली है। राज्य महिला आयोग ने कार्रवाई करना तो दूर मामले की जानकारी तक राष्ट्रीय आयोग को नहीं दी है। वे पीड़ित लड़की का हालचाल जानने यहां आई हैं।