आईजीएमसी में स्क्रब टायफस से एक और मरीज की मौत हो गई। सूरत सिंह (50) अर्की सोलन का रहने वाला था। नौ दिन से अस्पताल में उपचाराधीन था। आईजीएमसी में स्क्रब टायफस से यह सातवीं मौत है।
शुक्रवार तक मरीजों का आंकड़ा 255 तक पहुंच गया है। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश ने कहा कि एक और मरीज की स्क्रब टायफस से मौत हुई है। इन दिनों सावधानी बरतने की जरूरत है। बीमार होने की स्थिति में तुरंत डाक्टर से संपर्क करें। इसमें जरा भी लापरवाही न बरतें।
ये हैं स्क्रबटायफस के लक्षण
• तेज बुखार 104 से 105 तक जा सकता है।
•जोड़ों में दर्द तथा कंपकंपी के साथ बुखार, शरीर में ऐंठन, अकड़न या शरीर टूटा हुआ लगना।
• अधिक संक्रमण में गर्दन, बाजू के नीचे, कूल्हों के ऊपर गिल्टियां होना
ऐसे करें रोकथाम
•शरीर की सफाई का ध्यान रखें।
•घर के चारों ओर घास, खरपतवार नहीं उगने दें।
ऐसे होता है स्क्रब टायफस
यह रोग एक जीवाणु (रिकेटशिया) से संक्रमित पिस्सू (माइट) के काटने से फैलता है, जो खेतों, झाड़ियों तथा घास में रहने वाले चूहों में पनपता है। यह जीवाणु चमड़ी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और स्क्रब टायफस बुखार पैदा करता है।