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Bhoti Language: हिमाचल के बौद्ध मठों में पढ़ाया जाएगा भोटी भाषा में विज्ञान का पाठ्यक्रम

Mon, 13 Jan 2025 12:06 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के साथ किए गए समझौते के बाद प्रदेश के छह बौद्ध मठों में अब भोटी भाषा में विज्ञान और अन्य आधुनिक विषयों का पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। 
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एनआईओएस - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल के बौद्ध मठों में अब बौद्ध भिक्षु आधुनिक शिक्षा का लाभ उठा सकेंगे। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के साथ किए गए समझौते के बाद प्रदेश के छह बौद्ध मठों में अब भोटी भाषा में विज्ञान और अन्य आधुनिक विषयों का पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। यह कदम पहली से 12वीं कक्षा तक के शिक्षा पाठ्यक्रम को मान्यता देगा, जिससे भिक्षुओं को शिक्षा का प्रमाणपत्र मिलेगा। नालंदा बौद्ध धर्म की हिमालयी क्षेत्र में प्रासंगिकता, 21वीं सदी में उभरते रुझान, विकास और मठ शिक्षा पाठ्यक्रम की एनआईओएस शिक्षा बोर्ड से मान्यता विषय पर शिमला में सेमिनार हुआ। कार्यक्रम का आयोजन इंडियन हिमालयन काउंसिल ऑफ नालंदा बौद्ध ट्रेडिशन और किन्नौर, लाहौल-स्पीति बौद्ध सेवा संघ शिमला ने संयुक्त रूप से किया।

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इंडियन हिमालयन काउंसिल के महासचिव मलिंगा गोपछ ने निर्णय को ऐतिहासिक  बताते हुए कहा कि यह बौद्ध भिक्षुओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। अब उन्हें भोटी भाषा में आधुनिक शिक्षा का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही हिमाचल के लाहौल स्पीति, किन्नौर और पांगी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी फायदा होगा। इस मौके पर मुख्यातिथि लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वह शिक्षा बोर्ड से भोटी भाषा को पाठ्यक्रम में शामिल करने का आग्रह करेंगे और मामले को विधानसभा में भी उठाएंगे। विशेष अतिथि एनआईओएस शिक्षा मंत्रालय के अकादमिक अधिकारी जगजीत सिंह उपस्थित थे। जबकि अध्यक्षता एचई लोचन तुल्कु रिनपोछे अध्यक्ष आईएचसीएनबीटी दिल्ली ने की। यह पहल बौद्ध धर्म के सिकुड़ने के खतरे को कम करेगी और हिमालयी क्षेत्र के सभी बौद्ध मठों में आधुनिक शिक्षा के प्रसार की दिशा में अहम कदम साबित होगी।

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