स्कूलों में बिना बीएड के शिक्षकों की नियुक्ति हो रही है। हालांकि, सरकार ने टीजीटी, एलटी और लेक्चरर के लिए बीएड अनिवार्य की है, लेकिन स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) के तहत बिना बीएड के भाषा अध्यापक रखे जा रहे हैं। इससे सरकार और विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। एक तरफ प्रदेश में भाषा अध्यापकों के 146 पद कमीशन के आधार पर भर जा रहे हैं।
अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड हमीरपुर ने आठ जुलाई को इसकी अधिसूचना जारी की थी। इसमें शैक्षणिक योग्यता बीए इलेक्टिव हिंदी के साथ तथा बीएड अनिवार्य की है। जिन अभ्यर्थियों ने जेबीटी ट्रेनिंग की है और हिंदी विषय के साथ बीए की है, वे भी कमीशन में बैठ सकते हैं।
उनके लिए भी बीएड अनिवार्य है। वहीं, एसएमसी के तहत भाषा अध्यापकों की नियुक्ति में नियमों को दरकिनार किया जा रहा है। बीएड कर चुके युवा साहिल कुमार, अर्पित, जोगिंद्र सिंह, अंकुश, आर्य, सीमा, नेहा, रूपाली, पायल और सुनीता ने कहा कि सरकार भाषा अध्यापकों की नियुक्ति में दोहरे मापदंड अपना रही है।