जिले में छात्रवृत्ति के 171 आवेदन स्कूलों में लंबित, 302 में मिलीं त्रुटियां, स्कूल प्रमुखों को दी अंतिम चेतावनी
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31 अक्तूबर तक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिले में विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत विद्यार्थियों के 171 आवेदन स्कूल स्तर पर लंबित हैं। इसके अलावा जमा किए 302 आवेदनों में त्रुटियां पाई गई हैं। शिक्षा विभाग के आदेशों को कुछ स्कूल प्रमुख ठेंगा दिखा रहे हैं।
शिक्षा विभाग ने अब त्रुटियों वाले आवेदनों को दुरुस्त करवाकर दोबारा जमा करने के निर्देश दिए हैं। इनमें अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (ईबीसी) और विमुक्त, घुमंतू एवं अर्धघुमंतू जनजातियों (डीएनटी) के विद्यार्थियों के आवेदन शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने लंबित आवेदनों का सत्यापन जल्द पूरा करने और त्रुटिपूर्ण आवेदनों को ठीक करवाकर दोबारा जमा करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा में प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर संबंधित संस्थान प्रमुख जिम्मेदार होंगे।
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उपनिदेशक स्कूल शिक्षा (सेकेंडरी) लेखराज भारद्वाज ने जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों और मुख्य अध्यापकों को इस संबंध में पत्र जारी किया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि संस्थान स्तर पर लंबित छात्रवृत्ति आवेदनों का सत्यापन जल्द पूरा किया जाए। साथ ही पात्र विद्यार्थियों के छूटे हुए आवेदन निर्धारित समय के भीतर भरवाए जाएं और त्रुटिपूर्ण आवेदनों को दुरुस्त करवाकर दोबारा जमा किया जाए। विभाग ने सभी स्कूल प्रमुखों को 31 अक्तूबर तक आवेदन प्रक्रिया पूरी करवाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग के अनुसार जिले में एससी प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के 116, पीएम यशस्वी योजना के 47, एसटी प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का एक और अस्वच्छ व्यवसाय में संलग्न माता-पिता के बच्चों की छात्रवृत्ति योजना के सात आवेदन लंबित हैं।
विभाग के पास अब तक 3,069 आवेदन सही पाए गए हैं। इसके अलावा 171 आवेदन संस्थान स्तर पर लंबित हैं, जबकि 302 आवेदनों में त्रुटियां पाई गई हैं। इस तरह कुल 473 आवेदनों की प्रक्रिया अधूरी है। उपनिदेशक ने स्पष्ट किया है कि आवेदन जमा करने की समय सीमा आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। इसके बाद भी लापरवाही बरतने पर संबंधित संस्थान प्रमुख जिम्मेदार होंगे।