बैठक में फैसला लिया कि शिमला और मंडी में सभी स्कूल-कॉलेज अगले दो दिन तक बंद रहेंगे। इसके अलावा पूरे हिमाचल प्रदेश में सभी तकनीकी शिक्षण संस्थान इंजीनियरिंग/फार्मेसी कॉलेज/पॉलिटेक्निक और आईटीआई (निजी और सरकारी) कल 16 अगस्त को बंद रहेंगे।
उन्होंने कहा कि शिमला शहरी क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के कारण 500 से अधिक पेड़ गिर गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों को विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इसके दृष्टिगत वन विभाग को त्वरित कदम उठाने के निर्देश दिए ताकि गिरे हुए पेड़ों का समयबद्ध व उचित निपटान सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने शिमला में जल निकासी प्रणाली को सुदृढ़ करने और पुराने नालों के जीर्णोद्धार पर बल दिया। इसके लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके अतिरिक्त लोक निर्माण विभाग की एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति जल निकासी और क्रॉस-ड्रेनेज का निरीक्षण करेगी।
मुख्यमंत्री ने अपशिष्ट प्रबंधन सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्रदेश भर के शहरी क्षेत्रों में कूड़ा-कर्कट के उचित निपटान की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने भविष्य में निर्माण परियोजनाओं के लिए समग्र दृष्टिकोण के साथ व्यापक संरचनात्मक अभियांत्रिकी पहल के तहत योजना बनाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव देवेश कुमार, सचिव गृह डॉ. अभिषेक जैन, निदेशक एसडीएमए डीसी राणा, एडीजीपी सतवंत अटवाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
इस बीच वायु सेना ने खबर दी है कि पश्चिमी वायु कमान के एक चिनूक हेलीकॉप्टर ने शिमला के पास भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में बचाव प्रयासों के तहत एक ही उड़ान में 18 भारतीय सेना के जवानों और 3 टन के मिनी डोजर को एयरलिफ्ट किया।