ढाई सौ करोड़ से ज्यादा के छात्रवृत्ति घोटाले की सीबीआई के साथ अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी जांच शुरू कर दी है। छात्रवृत्ति के बाद मामले में अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों के साथ कथित तौर पर शिक्षा लोन का भी घोटाला करने की शिकायत सामने आई है। चूंकि मामले में ढाई लाख से ज्यादा छात्रों को छात्रवृत्ति बांटने में गड़बड़ी हुई है। ऐसे में ईडी ने अभी से जांच शुरू कर दी है।
सूत्रों की मानें तो इस मामले में ईडी के अधिकारियों ने शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ भी की है। पूछताछ के बाद जांच अधिकारियों ने शिक्षा विभाग से कई अन्य दस्तावेजों के अलावा अब तक की छात्रवृत्ति से संबंधित शिकायतों का भी ब्योरा मांगा है। माना जा रहा है कि घोटाले की रकम अब ढाई सौ करोड़ से कहीं ज्यादा पहुंच सकती है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार की शिकायत के बाद सीबीआई मामले में जांच कर रही है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने अब तक मामले में तीन दर्जन शैक्षणिक संस्थानों में छापा मारकर दस्तावेज व हार्ड डिस्क सीज किए थे। इसके अलावा बैंक व संस्थानों के अधिकारियों व कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा चुकी है।
चूंकि मामला ढाई सौ करोड़ से ज्यादा का बताया जा रहा था इसलिए ईडी ने अभी से इसमें मनी लांड्रिंग के नजरिये से जांच शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो एफआईआर के अध्ययन के बाद इस बात की पूरी आशंका जताई जा रही है कि घोटाला कर कमाई गई रकम को अलग अलग जगहों पर खपाया गया। इसी मनी लॉड्रिंग की ट्रेल को पकड़ने के लिए अब ईडी ने भी समानांतर जांच शुरू कर दी है।