करीब 250 करोड़ से अधिक के छात्रवृत्ति घोटाले में सीबीआई की जांच के दायरे में आए ऊना के एक इंजीनियरिंग कालेज पर जांच टीम ने शनिवार को भी पूछताछ जारी रखी। इस दौरान आसपास के दो अन्य कालेजों के भी कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। इसके साथ ही चंडीगढ़ स्थित एक संस्थान पर भी सीबीआई की एक टीम ने दस्तक दी।
इस दौरान जांच में सामने आए तथ्यों और कर्मचारियों व बैंक कर्मियों के बयानों का मिलान भी किया गया। सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में पंजाब के अन्य संस्थानों में फिर से पूछताछ के लिए जांच टीम जा सकती है। सूत्रों के अनुसार अब तक की जांच में छात्रवृत्ति वितरण में सभी नियमों को ताक पर रखने की बात सामने आई है। कालेजों को आवंटित सीटों से अधिक संख्या में छात्रवृत्तियां वितरित करने की भी बात सामने आई है।
सीबीआई की जांच में अब तक पचास से ज्यादा संस्थान एजेंसी के निशाने पर आ चुके हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इसका दायरा बढ़ भी सकता है। यही नहीं मामले में जल्द ही शिक्षा विभाग के भी अधिकारियों- कर्मचारियों से पूछताछ का लंबा दौर शुरू हो सकता है।
इसमें कुछ वर्तमान और कुछ रिटायर्ड कर्मचारी अधिकारी भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। बता दें, प्रदेश सरकार ने छात्रवृत्ति घोटाले की जांच की सीबीआई की सिफारिश की थी जिसके बाद जांच टीम जांच ने मामला दर्ज कर हिमाचल के अलावा कई अन्य राज्यों के संस्थानाें के फर्जीवाड़े की जांच शुरू कर दी हैं।