हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी विकास बंसल को नियमित जमानत दे दी है। न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की एकल पीठ ने सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि मुकदमे के जल्द पूरा होने की संभावना कम है और आरोपी को अनिश्चितकाल के लिए जेल में नहीं रखा जा सकता। अदालत ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत त्वरित सुनवाई आरोपी का मौलिक अधिकार है। अदालत ने विकास बंसल को 2 लाख के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की दो जमानतें जमा करने पर रिहा करने का आदेश दिया है। साथ ही कुछ सख्त शर्तें भी लगाई गई हैं। आरोपी बिना अनुमति के देश छोड़कर नहीं जाएगा। वह गवाहों या सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा।