ढाई सौ करोड़ से ज्यादा के कथित छात्रवृत्ति घोटाले की वजह से हिमाचल के हजारों विद्यार्थियों की डिग्रियां अटक गई हैं। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी वर्ग के ये वे हिमाचली विद्यार्थी हैं, जिन्होंने बाहरी राज्यों में जाकर उच्च शिक्षा की पढ़ाई की है। घोटाला सामने आने के बाद वित्तीय वर्ष 2017-18 की छात्रवृत्ति राशि जारी न होने की वजह से बाहरी निजी शैक्षिणक संस्थान पैसा जमा होने तक इन विद्यार्थियों की डिग्रियां जारी नहीं कर रहे हैं।
इसी बीच शिक्षा निदेशालय ने जांच एजेंसी सीबीआई को पत्र लिखकर छात्रवृत्ति की राशि जारी करने की अनुमति मांगी है ताकि इन विद्यार्थियों को डिग्रियां मिल सकें। उल्लेखनीय है कि मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेने के बाद संस्थान के माध्यम से आने वाले आवेदनों को मंजूरी देकर निदेशालय हर साल छात्रवृत्ति राशि जारी करता है। साल 2016-17 की छात्रवृत्ति शिक्षा निदेशालय सभी संस्थानों को जारी कर चुका है।
बीते साल सामने आए घोटाले के बाद से निदेशालय के अधिकारी राशि जारी करने से कतरा रहे हैं। हालांकि जांच पड़ताल के बाद प्रदेश के निजी संस्थानों को बीते दिनों साल 2017-18 की छात्रवृत्ति राशि जारी कर दी है लेकिन बाहरी राज्यों के निजी संस्थानों को साल 2017-18 की राशि अभी जारी नहीं की गई है।
निदेशालय आकर गुहार लगा चुके हैं विद्यार्थी
डिग्रियां न मिलने की वजह से परेशान विद्यार्थी हाल ही में उच्च शिक्षा निदेशालय आकर अपनी समस्या बता चुके हैं। छात्रों ने निदेशक को मांग पत्र सौंप कर संस्थानों को जल्द साल 2017-18 की छात्रवृत्ति राशि जारी करने की मांग की है।