एचआरटीसी टीएमपीए (कंडक्टर) भर्ती पर विधानसभा में विपक्ष ने खूब हंगामा किया। ‘सेट थे पेपर सेट करने वाले’ अमर उजाला के इस खुलासे के बाद इस मसले पर बुधवार को नियम 130 के तहत चर्चा हुई, जिसमें कई और सनसनीखेज खुलासे हुए। परिवहन मंत्री जीएस बाली के दफ्तर पर आरोप लगे कि मंत्री कार्यालय ने विधायकों से खामोश रहने के लिए कंडक्टर भर्ती में उनसे नौकरियों का सौदा करने की कोशिश की।
परिवहन मंत्री ने अपनी सफाई भी दी, लेकिन उनके जवाब से नाखुश भाजपा विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। सदन के भीतर महेंद्र सिंह और भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने भर्ती को रद्द करने की मांग की तो सदन के बाहर मीडिया से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि ये हजारों युवाओं के साथ धोखा है।
फोन पर ही फाइनल कर दी सिलेक्शन
सदन में नियम 130 के तहत पूर्व परिवहन मंत्री महेंद्र सिंह चर्चा का प्रस्ताव लाए थे। महेंद्र सिंह ने सदन में खुलासा किया कि ये मसला उठने के बाद मंत्री के दफ्तर से नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल और उन्हें फोन आए। ये फोन मोबाइल नंबर 9418001619 से थे। कहा गया कि अपने रोलनंबर बता दो, जिन्हें कंडक्टर लगवाना चाहते हो।
महेंद्र सिंह ने सवाल उठाया कि क्या अब प्रदेश में इस तरह से भर्तियां होंगी? उन्होंने सीएम से मांग की कि इस मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकाली जाए, क्योंकि इस नंबर से सभी विधायकों को भर्तियों का लालच दिया जा रहा है। सदन में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने ये मोबाइल नंबर नोट कर लिया। बाद में उन्होंने इस मामले की आंतरिक जांच के निर्देश दिए।
लिखित परीक्षा और पेपर पर सवाल
महेंद्र सिंह ने कहा कि पूरी भर्ती प्रक्रिया सवालों के घेरे में है। पहली बार तकनीकी शिक्षा बोर्ड को पेपर लेने का काम दिया गया और पेपर सेटर खुद दे दिए। पेपर सेट करने के पैनल में एक रिटायर सीजीएम की हालत अब चलने फिरने लायक भी नहीं है। एसपी विजिलेंस धर्मशाला को इसमें डाला गया।
रघुपति राघव राजा राम
सदन में प्रश्नपत्र की प्रति रखते हुए महेंद्र सिंह ने बताया कि प्रश्न संख्या 26 और 42 एक से हैं कि रघुपति राघव राजा राम, को किसने कंपोज किया था? पेपर कंडक्टर का था, जिसे जमा जोड़ का हिसाब रखना होता है, लेकिन सिलेबस बदलकर उसमें ट्रैफिक सिगनल आदि जोड़े गए जो ड्राइवर के लिए होते हैं।
एक चुनाव क्षेत्र से 357 मेरिट में
विपक्ष ने आरोप लगाया कि एक ही चुनाव क्षेत्र से 357 अभ्यर्थी अभी मेरिट में हैं। इन्हें पेपर लीक कर पहले ही 80 से 90 फीसदी नंबर दिलवाए गए हैं। ये पेपर लीक हुआ था। सुरेश भारद्वाज ने सवाल उठाया कि परीक्षाएं या तो शिक्षा बोर्ड या अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड लेता है। ये तकनीकी शिक्षा बोर्ड बीच में क्यों आया?
आरोप साबित हुए तो दे दूंगा इस्तीफा : बाली
परिवहन मंत्री जीएस बाली ने विपक्ष को चुनौती दी कि अगर वे अपने आरोप साबित कर दें, तो वह पद से इस्तीफा दे देंगे। वह चर्चा का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि इस भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। धूमल को मोबाइल नंबर से आए फोन पर बाली ने कहा -मेरा दफ्तर लंच-डिनर के लिए भी तो फोन कर सकता है।
क्या सबूत है कि ये फोन कंडक्टर भर्ती के लिए था? निदेशक मंडल की बैठक में हुए फैसले के अनुसार तय हुआ था कि पेपर तकनीकी शिक्षा बोर्ड लेगा और सिलेबस एचआरटीसी देगा। निगम की जरूरत के अनुसार सिलेबस में बदलाव किया गया।
रिटन टेस्ट के नंबर बिना खोले लौटा दिए थे
भर्ती नियमों और सिलेबस के बारे में हाईकोर्ट में एक केस भी हुआ, जो निगम के हक में गया। परिवहन मंत्री ने अपने लिखित जवाब में भी माना कि बोर्ड को पेपर सेट करने का पैनल उनकी मदद के लिए दिया गया।
बोर्ड ने रिटन टेस्ट के नंबर भी एचआरटीसी को समय से पहले भेज दिए थे, लेकिन इन लिफाफों को बिना खोले सीलबंद लौटा दिया गया था। उन्होंने बेवजह वॉकआउट करने और प्रदेश की जनता को गुमराह करने के लिए विपक्ष की निंदा की।