शिमला जिले के तीन सौ पूर्व पंचायत प्रतिनिधि लाखों रुपयों के लेन-देन में फंस गए हैं। विभाग अब इनसे 1.09 करोड़ रुपयों की वसूली की तैयारी कर रहा है। जिले के 11 विकास खंडों के इन 300 पंचायत प्रतिनिधियों में पूर्व प्रधान, उपप्रधान और वार्ड पंच तक शामिल हैं। पंचायत चुनाव खत्म होने के बाद अब पंचायती राज विभाग ने कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है।
वर्ष 2010 की अधिसूचना के अनुसार 12.50 फीसदी की ब्याज दर से यह राशि वसूली जाएगी। आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा वसूली विकास खंड रोहड़ू से 25.51 लाख रुपये की जानी है। इस मामले में विकास खंड रामपुर दूसरे नंबर पर है और ठियोग तीसरे स्थान पर है। पंचायत चुनाव से पूर्व करीब 4.50 लाख रुपये वसूल लिए गए हैं। इन प्रतिनिधियों पर मस्टररोल में गलत हाजिरी भरने, आकलन से अधिक व्यय करने, अनियमित व्यय और कार्य के रूप में अग्रिम राशि के लेन-देन में गड़बड़ी करने के आरोप हैं।
नोटिस के 15 दिन के भीतर राशि जमा करने के निर्देश
जिला पंचायत अधिकारी विजय बरागटा ने बताया कि पंचायतों के पूर्व प्रतिनिधियों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन्हें 15 दिन के भीतर बकाया राशि विभाग के पास जमा करने के निर्देश दिए हैं। इन पूर्व प्रतिनिधियों को सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। तीन बार नोटिस देने के बाद भी धनराशि जमा न होने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
किस खंड से कितनी राशि वसूली जाएगी
खंड राशि
रोहड़ू 25.67 लाख
रामपुर 25.51 लाख
ठियोग 17 लाख
मशोबरा/टुटू 13.64 लाख
छौहारा 9.53 लाख
ननखड़ी 9 लाख
चौपाल 7 लाख
नारकंडा 1.20 लाख
बसंतपुर 48 हजार
जुब्बल-कोटखाई 15 हजार