बिजली के करंट से अपने दोनों हाथ गंवा चुके चुवाड़ी निवासी रोहित के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने के चार साल बाद राहत मिली है। हिमाचल बचाओ मंच ने चुवाड़ी के इस परिवार को इंसाफ दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।
मंच के संस्थापक एसएस गुलेरिया ने धर्मशाला में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि बिजली बोर्ड को जिला चंबा के चुवाड़ी निवासी रोहित को अब 90 लाख रुपये देने पड़ेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने बिजली बोर्ड को रोहित को सहायता राशि के रूप में 90 लाख रुपये देने के आदेश जारी किए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने दो महीने के अंदर प्रभावित परिवार को मुआवजा देने का आदेश बिजली बोर्ड को दिए हैं। जिला चंबा की चुवाड़ी तहसील के गांव भकडू का रोहित खेतों में खेलते समय 18 मार्च 2012 को 11 हजार वोल्ट की तारों के करंट की चपेट में आ गया था।
इससे रोहित के दोनों हाथ काटने पड़े। दुर्घटना के बाद पीड़ित परिवार को विद्युत बोर्ड मात्र 5000 रुपये का मुआवजा दे रहा था, लेकिन कानूनी प्रक्रिया से गुजरता हुआ रोहित का केस सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। वहां रोहित को सहायता राशि के रूप में 90 लाख रुपये देने के आदेश कोर्ट ने जारी किए हैं।
उन्होंने कहा कि रोहित के लिए प्रोस्थेटिक्स लिंब्स (आर्टिफिशयल बाजू) लगाई जाएगी। एसएस गुलेरिया ने बताया कि उन्होंने अपने मित्र से बात की है, जो कि अमेरिका में स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञ हैं। इसके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी इस संबंध में बात की जाएगी। इस मौके पर रोहित की मां लता देवी और पिता नरेंद्र सिंह मौजूद रहे।