सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद राज्य में निर्माणाधीन कई परियोजनाओं का काम अटक गया है। बड़ी संख्या में ऐसी सड़कें हैं जो इस रोक के दायरे में आ गई हैं, जिन्हें हाल ही में फोरेस्ट क्लीयरेंस मिली है।
इनमें पीएमजीएसवाई और नाबार्ड से वित्त पोषित ग्रामीण सड़कें भी शुमार हैं। कई परियोजनाओं को फोरेस्ट क्लीयरेंस मिलने के बावजूद उनमें अभी तक पेड़ नहीं कटे हैं। इनका काम रुक जाएगा।
प्रदेश में लगभग 70 नए नेशनल हाईवे बनाए जाने हैं। इनके लिए भी वन कटान की मंजूरी अटक सकती है। फोरलेन बनाने का काम भी फंस सकता है। अस्पतालों, स्कूलों, कॉलेजों आदि के लिए भी भवन निर्माण का काम इसी तरह से अटक जाएगा।