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हिमाचल: 22 दिन से चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म, हिमखंड में दबे शेष दो जवानों के शव भी मिले

Thu, 14 Mar 2019 11:07 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सांगला/रिकांगपिओ(किन्नौर)
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army shimla
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भारत-चीन सीमा पर शिपकिला के पास डोगरी नमज्ञा नाले में आए हिमखंड में दबे दो शेष जवानों के शव भी रेस्क्यू दल ने गुरुवार सुबह निकाल लिए। एक शहीद कुल्लू जिले के निरमंड और दूसरा जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के हीरानगर का रहने वाला था।

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सुबह साढ़े दस बजे दोनों जवानों के शव बर्फ के नीचे से निकाले गए। 20 फरवरी को हिमखंड गिरने के बाद से सर्च ऑपरेशन चल रहा था जो वीरवार को 22 दिन बाद खत्म हो गया।

हादसे में 7 जेएंडके राइफल के छह जवानों का दल बर्फ में दब गया था, जिनमें से चार शव पहले ही निकाले जा चुके थे। इस सर्च ऑपरेशन में 500 से ज्यादा जवान आधुनिक उपकरणों, मशीनरी के साथ प्रचंड ठंड और भारी बर्फबारी के बीच लगातार अभियान में जुटे थे।
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शुक्रवार सुबह पैतृक गांव पहुंचेंगे शव

गुरुवार सुबह दोनों शहीद जवानों के पार्थिव शरीर घटनास्थल से पूह आर्मी हेडक्वार्टर ले जाए गए। इसके बाद पीएचसी पूह में पोस्टमार्टम करवाया गया। दोनों शहीद सैनिकों के शव शुक्रवार को उनके पैतृक स्थानों में ले जाए जाएंगे।

जम्मू के जवान अर्जुन का शव शुक्रवार सुबह 8 बजे सेना के हेलीकॉप्टर से जम्मू भेजा जाएगा, जबकि दूसरे सैनिक विदेश ठाकुर का शव वीरवार को सड़क मार्ग से झाकड़ी तक भेज दिया गया है।

शुक्रवार को पार्थिव देह हेलीकॉप्टर से उनके पैतृक गांव लाई जाएगी। उपायुक्त किन्नौर गोपाल चंद ने बताया कि कंपकंपाती ठंड और अपनी जान की परवाह किए बगैर 500 से ज्यादा जवानों ने हिमखंड में दबे जवानों को निकाला है। 
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बड़े स्तर पर चला था अभियान

बर्फ से निकाले गए शहीद जवानों की शिनाख्त कुल्लू जिले की निरमंड तहसील के थरूआ गांव के विदेश ठाकुर (32) पुत्र ईश्वर सिंह ठाकुर और जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के हीरानगर के कट्टल ब्राह्मणा गांव अर्जुन कुमार (25) पुत्र काकू राम के रूप में हुई है।

समुद्रतल से करीब साढ़े 9 हजार फीट की ऊंचाई पर भारत-चीन सीमा के नजदीक डोगरी नाले में दबे सेना के सभी छह जवानों को निकालने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चला।

सेना, आईटीबीपी, जम्मू, लद्दाख, डीआरडीओ चंडीगढ़ से आए स्पेशल ग्लेश्यिर विशेषज्ञों, शरीर गंध से मृत और जीवित अवस्था में खोजबीन करने वाली टीम, खोजी कुत्ते, पंजाब रेजीमेंट समदू, सीमा सड़क संगठन के जवान, नमज्ञा, खाब और डूबलिंग के स्थानीय लोगों ने स्नो कटर, आरी, बेलचा, ड्रिल आदि की मदद से जवानों के शव निकाले गए।
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