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'सड़क निर्माण गड़बड़झाले के लिए वीरभद्र सरकार जिम्मेदार, सीएम दें इस्तीफा'

Sat, 13 May 2017 08:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने पीएमजीएसवाई के तहत बनने वाली सड़कों में भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के लिए प्रदेश सरकार को दोषी ठहराया है। सत्ती ने कहा कि यह भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने की कांग्रेस नीति के कारण हो रहा है।
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अध्यक्ष ने कहा कि शर्मनाक है कि सेंटर और स्टेट क्वालिटी कंट्रोल विंग की 300 सड़कों की जांच के बाद 92 सड़कों के निर्माण में भारी अनियमितताएं पाई गई। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास लोक निर्माण विभाग भी है उन्हें इस भ्रष्टाचार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत पद से त्यागपत्र देना चाहिए।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पीएमजीएसवाई के तहत बनने वाली सड़कों के निर्माण में ही घोटाला नहीं हुआ है, बल्कि प्रदेश में बनने वाली अन्य सड़कों के निर्माण में भी पिछले चार वर्षों में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। फॉरेंसिक विभाग ने 115 अन्य सड़कों की जांच के दौरान लगभग 100 सड़कों में घटिया तारकोल का मामला पकड़ा था, लेकिन प्रदेश सरकार ने उस मामले को भी दबाते हुए दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की, जो सरकार और भ्रष्ट ठेकेदारों के बीच तालमेल को दर्शाती है।
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भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री जनता की आंख धूल झोंकने के लिए जनसभाओं में भ्रष्ट ठेकेदारों को जेल के अंदर भेजने और काम में कोताही बरतने वाले अधिकारियों के डिमोशन की बात करते हैं, लेकिन हकीकत कुछ और है। मुख्यमंत्री बताएं कि पिछले चार वर्षों में उन्होंने कितने भ्रष्ट ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की।

अगर मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार को खत्म करने के प्रति ईमानदार होते तो तारकोल घोटाले और अब पीएमजीएसवाई में संलिप्त दोषियों पर कार्रवाई करते। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार को जाने में कुछ ही समय शेष बचा है और अपनी अंतिम पारी देखकर मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचारियों को प्रदेश को लूटने की खुली छूट दे रखी है। सरकार बनने के पश्चात भाजपा सारे मामलों की जांच करवाएगी और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी ।
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