हिमाचल प्रदेश वित्तायोग के अध्यक्ष और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने सिने स्टार व पद्मश्री कंगना रणौत के खिलाफ संजय राउत व अन्य शिवसेना नेताओं द्वारा की जा रही अभद्र टिप्पणियों का कड़ा प्रतिकार करते हुए कहा कि इन घटिया वक्तव्यों से शिवसेना की घृणित सोच व चेहरा सामने आया है। साथ में महिलाओं के प्रति उनकी तालिबानी विचारधारा भी उजागर हुई है।
भाजपा नेता ने कहा कि शिवाजी महाराज के लिए मातृशक्ति का सम्मान प्राणों से अधिक प्रिय था और उनके नाम व विचारों पर छदम राजनीति करने वाली शिवसेना ने ’देश की बेटी’ के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करके देश की समस्त महिलाओं के आत्मसम्मान को चोट पहुंचाई है।
कंगना रणौत इस देश की सम्मानित नागरिक हैं और उन्हें देश के किसी भी हिस्से में आजादी के साथ रहने का पूर्ण अधिकार है। सत्ती ने कहा कि कंगना के के इस संवैधानिक अधिकार को छीनने का शिवसेना तो क्या, देश के किसी अन्य दल को भी कोई हक नहीं है। मुंबई में शिवसेना की पैतृक संपत्ति नहीं है जो वह अभद्र व धमकी भरी भाषा का प्रयोग करके कंगना को वहां से बाहर निकालना चाहती है।
सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि किसी व्यक्ति की मौत पर इंसाफ मांग कर, पाल घर के साधुओं की नृशंस हत्या पर जांच, फिल्म इंडस्ट्री में व्याप्त ड्रग माफिया और मुंबई पुलिस के पक्षपातपूर्ण रवैये पर उंगली उठाकर कंगना रणौत ने कोई गलत कार्य नहीं किया है। उन्होंने वही किया जो इस देश की एक जिम्मेदार नागरिक को करना चाहिए। वह बहादुर प्रदेश की बहादुर बेटी है और सारा देश आज कंगना रणौत के साथ खड़ा है। शिवसेना अपनी गलत सोच व गलत कार्यों से महाराष्ट्र में अलोकप्रिय हो चुकी है।