चेखव की रचनाओं का नाटक में किया है रूपांतरण संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। गेयटी थियेटर के गौथिक हॉल में शनिवार को सालगिरह स्यापा नाटक का मंचन किया गया। कलाकारों ने नाटक में लालच, भ्रम, पारिवारिक नोकझोंक और कार्यालयी अव्यवस्था पर दमदार अभिनय से तीखा व्यंग्य किया।
यह नाटक रूसी साहित्यकार एंटन चेखव की प्रसिद्ध रचनाओं द एनिवर्सरी और द लॉटरी टिकट पर आधारित है जो हिमाचली परिवेश में प्रभावशाली ढंग से रूपांतरित किया। नाटक की कहानी एक सहकारी बैंक के इर्द-गिर्द घूमती है जहां स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों के बीच अजीबोगरीब घटनाएं घटती हैं। कोई वर्षों पुरानी जमा राशि मांगने पहुंचता है तो कोई अपनी लॉटरी की रकम लेने बैंक आ धमकता है। बाद में खुलासा होता है कि उसकी लॉटरी लगी ही नहीं है। इस बीच बैंक प्रबंधक की पत्नी भी अपने पारिवारिक किस्सों के साथ बैंक पहुंच जाती है जिससे हालात और उलझ जाते हैं।
पात्रों की गलतफहमियां, बहसें और हास्यास्पद परिस्थितियां आखिरकार सालगिरह समारोह को स्यापा में बदल देती हैं। द बिगिनर्स संस्था द्वारा भाषा, कला एवं संस्कृति अकादमी के सहयोग से इस नाटक का मंचन किया गया। प्रस्तुति के अंत में यह संदेश भी प्रभावी ढंग से उभरकर सामने आया कि कल्पनाओं और लालच के पीछे भागने वाला व्यक्ति अक्सर वास्तविकता से दूर हो जाता है। नाटक का निर्देशन कपिल देव शर्मा ने किया। इस दौरान मंच पर अधिराज शर्मा, श्रुति रोहटा, अमृतांश, सुमित, अभिजीत, राधिका, आर्यन, कपिल देव शर्मा ने कलाकारों की भूमिका निभाई। वहीं प्रकाश व्यवस्था रूपेश भीमटा और संगीत संयोजन की जिम्मेदारी चेतन कुमार (लकी) ने निभाई।