देवभूमि संघर्ष समिति और हिंदू संगठनों के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। सड़क किनारे जमा हुए इन लोगों से यातायात बाधित न हो, इसके लिए पुलिस के कई जवान मोर्चा संभालने के लिए पहुंच गए। इसी दौरान आमरण अनशन पर बैठे देवभूमि संघर्ष समिति के सदस्य विजय शर्मा की तबीयत बिगड़ गई। इन्हें आईजीएमसी ले जाया गया। सुबह 11:00 बजे तक मौके पर सैकड़ों लोग जुट गए और धरना प्रदर्शन की तैयारियां करने लगे। 11:30 बजे से नारेबाजी शुरू हो गई। कई लोग सड़क किनारे बैठ गए और प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
लोगों ने कहा कि जब तक प्रशासन लिखित में उनकी मांगें पूरी नहीं कर देता, यह प्रदर्शन जारी रहेगा। चेतावनी दी कि दोपहर 1:00 बजे तक यदि प्रशासन ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो संजौली में चक्का जाम कर दिया जाएगा। करीब 12:45 बजे जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। करीब 1:00 बजे प्रशासन और समिति पदाधिकारियों के बीच बैठक हुई। इस दौरान अनशन पर बैठे एक अन्य पदाधिकारी मदन ठाकुर की तबीयत भी बिगड़ गई। इन्हें भी आईजीमएसी ले जाया गया। बैठक में प्रशासन ने समिति की प्रमुख मांगों पर सहमति जताई। विवादित ढांचे की बिजली काटने और लोगों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग पर भी सहमति बनी। मौके पर पदाधिकारियों ने घोषणा की कि प्रशासन ने उनकी मांगें मान ली हैं।
भड़क गए लोग, कर दिया चक्का जाम
प्रशासन से बात के बाद लोग भड़क गए। बोले कि उन्हें लिखित आश्वासन नहीं चाहिए। उनके सामने ही मस्जिद का बिजली-पानी का कनेक्शन काटा जाए। दोपहर 1:00 बजे करीब पांच मिनट के लिए लोगों ने यहां चक्का जाम भी कर दिया। हालांकि, पुलिस ने तुरंत ही यातायात बहाल भी कर दिया। प्रदर्शन खत्म होने के बाद भी कई जिलों के लोग मौके पर पहुंचे। कुल्लू से आए एक दल ने 1:40 बजे के बाद भी प्रदर्शन जारी रखा। कहा कि उनके सामने कनेक्शन काटा जाए। सरकार और प्रशासन आश्वासन देकर राजनीति कर रहे हैं। हालांकि, 2:30 बजे तक मौके से ज्यादातर लोग वापस लौट गए और प्रदर्शन खत्म कर दिया।