क्षेत्र को सैनिटाइज करते कर्मचारी (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित पंचायतों को ही सैनिटाइज किया जाएगा। पंचायतों में सैनिटाइजेशन के नाम पर गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है। इन दिनों प्रदेश की कई पंचायतों में सैनिटाइजेशन का काम शुरू कर दिया गया था। पंचायत प्रधान भी सरकार से सेनिटाइजेशन के नाम पर खर्चे के बिल पास करवाने की जुगत में लगे थे।
सरकार ने पंचायतों से साफ कहा है कि जिन पंचायतों में कोरोना संक्रमण की कोई शिकायत नहीं है, वहां सैनिटाइजेशन का काम नहीं किया जाएगा। अगर किसी चिह्नित पंचायत में कोरोना संक्रमण के खतरे की शिकायत सरकार के सामने आएगी तो वहां स्वास्थ्य विभाग की देखरेख और दिशा-निर्देशों में सैनिजाइजेशन किया जाएगा। पंचायतों में बिना वजह सैनिटाइजेशन का काम नहीं किया जाएगा। इतना जरूर है कि पंचायतों को पूर्व की भांति अपने इलाकों में सफाई और स्वच्छता का पूरा ध्यान रखना होगा।
ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण को देखते हुए अधिकांश पंचायतों में ज्यादा खतरा नहीं है। सरकार से दिशा-निर्देशों का पंचायतों में सख्ती से पालन किया जा रहा है। जिन पंचायतों में संक्रमण है, वहां स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में सैनिटाइजेशन का काम किया जा रहा है।
पंचायतों में सैनिटाइजिंग के नाम पर गड़बड़ी रोकने को सरकार ने यह कदम उठाया है। कई पंचायतों ने सैनिटाइजेशन के नाम पर बिल भुगतान का मामला उठाना शुरू कर दिया था। जब उनसे पूछा गया कि सैनिटाइजिंग में क्या इस्तेमाल किया तो उनके पास कोई जवाब नहीं था।