कोरोना संक्रमण के बीच हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के उरला गांव का चंदेल दंपती संकट के सिपाही बन गए हैं। कुंती चंदेल और उनके पति ने उरला कस्बे को सैनिटाइज करने का अभियान छेड़ा है। पंचायत में कोरोना संक्रमण मामलों में बढ़ोतरी हुई है। यहां सहकारी सभा के सेल्समैन और उरला स्कूल की अधीक्षक सहित कई लोग संक्रमण की चपेट में आए हैं। प्रशासन ने पंचायत को तीन वार्डों उरला, हियुण और नौशा को कंटेनमेंट जोन बनाया है।
कोरोना संक्रमण के बीच हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के उरला गांव का चंदेल दंपती संकट के सिपाही बन गए हैं। कुंती चंदेल और उनके पति ने उरला कस्बे को सैनिटाइज करने का अभियान छेड़ा है। पंचायत में कोरोना संक्रमण मामलों में बढ़ोतरी हुई है। यहां सहकारी सभा के सेल्समैन और उरला स्कूल की अधीक्षक सहित कई लोग संक्रमण की चपेट में आए हैं। प्रशासन ने पंचायत को तीन वार्डों उरला, हियुण और नौशा को कंटेनमेंट जोन बनाया है।
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दस दिन से यहां सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद चल रहे हैं। उरला की कुंती चंदेल अध्यापिका हैं और पति मुरारी लाल जल शक्ति विभाग में कनिष्ठ अभियंता के पद पर तैनात हैं। दोनों सुबह- शाम उरला कस्बे को सैनिटाइज कर रहे हैं। स्थानीय बाजार, स्कूल परिसर, आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र, वन परिक्षेत्र कार्यालय, बैंक और सहकारी समिति, वर्षा आश्रालय सहित सभी सार्वजनिक स्थानों में सैनिटाइजेशन कार्य किया है।
दोनों लोगों को कोरोना नियमों का कड़ाई से पालना करने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं। गत वर्ष भी कोरोना संक्रमण के दौरान लॉकडाउन में इस दंपती ने कस्बे को सैनिटाइज करने का अभियान चलाया था। इस बार भी अभियान शुरू किया है। उन्होंने आम लोगों से आह्वान किया कि संकट की इस घड़ी में जीव-जंतुओं के लिए अपने घरों की छतों पर भोजन और पानी रखें।