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बेटी के जज्बे को सलाम: बीएड की परीक्षा देने के बाद रात को लिए सात फेरे

Sat, 16 Oct 2021 10:43 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, दौलतपुर चौक (ऊना)

सार

प्रियंका ने बताया कि वह तलवाड़ा से सटे गांव की रहने वाली हैं। वह धर्मशाला के एक कॉलेज में बीएड कर रही है। जब परीक्षा की डेटशीट आई तो पेपर वाले दिन ही शादी की तय तारीख देखकर माता पिता परेशान हो गए। परीक्षा भी दोपहर 2 से 3:30 बजे तक थी। रात को उसके घर बरात आनी थी, लेकिन उसने हौसला जुटाया और सबसे पहले विश्वविद्यालय से अनुरोध करके अपना परीक्षा केंद्र धर्मशाला से दौलतपुर चौक करवाया। 
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बीएड की परीक्षा देने के बाद रात को लिए सात फेरे। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के राजकीय महाविद्यालय दौलतपुर चौक में शाम के सत्र में एक छात्रा हाथों में मेहंदी रचाकर अपनी शादी से चंद घंटे पहले बीएड चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा देने पहुंची। घर में रिश्तेदारों का तांता लग चुका था और शादी की रस्में निभाई जा रही थीं, लेकिन प्रियंका के बुलंद हौसले के आगे किसी परिजन का कोई तर्क न चला और परीक्षा दे दी। प्रियंका दुल्हन का लिबास पहनने से कुछ घंटे पहले ही शाम के सत्र की परीक्षा और फिर दौलतपुर चौक से पंजाब के तलवाड़ा पहुंचीं। बेटी के जज्बे को कर कोई सलाम कर रहा है। प्रियंका ने बताया कि वह तलवाड़ा से सटे गांव की रहने वाली हैं। वह धर्मशाला के एक कॉलेज में बीएड कर रही है। जब परीक्षा की डेटशीट आई तो पेपर वाले दिन ही शादी की तय तारीख देखकर माता पिता परेशान हो गए।

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परीक्षा भी दोपहर 2 से 3:30 बजे तक थी। रात को उसके घर बरात आनी थी, लेकिन उसने हौसला जुटाया और सबसे पहले विश्वविद्यालय से अनुरोध करके अपना परीक्षा केंद्र धर्मशाला से दौलतपुर चौक करवाया। फिर परिजनों को विश्वास में लेकर अपनी परीक्षा दी। प्रियंका अगर आज बीएड की परीक्षा नहीं देती तो उसका एक वर्ष और लग जाता। प्रियंका ने बताया कि यह सब उसके माता-पिता व ससुराल पक्ष की सकारात्मक सोच से संभव हो पाया है। उधर, कॉलेज प्राचार्य डॉ. एसके बंसल ने भी प्रियंका के शादी वाले दिन परीक्षा देने के निर्णय की प्रशंसा की है। उन्होंने समाज से अनुरोध किया है कि बेटियों को पढ़ने व पढ़ाने में किसी तरह की बाधा न आने दें तभी समाज का संतुलित विकास होगा।

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