मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य एचआरटीसी परिचालक संगठन को वेतन विसंगति दूर करने का आश्वासन दिया है। शुक्रवार देर शाम संगठन का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश सचिवालय में मुख्यमंत्री से मिला और उनसे परिचालकों की वेतन विसंगति का शीघ्र समाधान करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब पिछली बार आप मिले थे तो मैंने आपसे कुछ समय मांगा था, मैं आपको बताना चाहता हूं कि आपकी मांग मेरे जहन में है और उस पर काम हो रहा है। बहुत जल्द इस वेतन विसंगति को दुरुस्त कर आपको खुशखबरी दी जाएगी।
इस मौके पर कंडक्टर यूनियन ने मुख्यमंत्री राहत कोष में एक लाख ग्यारह हजार रुपये का चेक भी भेंट किया। संगठन के प्रांतीय प्रधान कृष्ण चंद, प्रांतीय अध्यक्ष रामलोक चौधरी, महासचिव यशवंत ठाकुर, शिमला मंडल के उपप्रधान पंकज चौहान, कोषाध्यक्ष युवराज ठाकुर, सह कोषाध्यक्ष बलराम, कानूनी सलाहकार विक्रांत ठाकुर, मीडिया प्रभारी दीपेंद्र कंवर, शिमला लोकल के अध्यक्ष प्रीत महेंद्र, जितेंद्र गौतम, सुनील कुमार, सुरेंद्र पाल, सुंदरनगर से सुनील कुमार, विकास, स्वरूप, सुनील ठाकुर, अक्षय कुमार, उदय कुमार, देशराज और सुनील ने सकारात्मक आश्वासन के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
अप्रैल की पेंशन न मिलने पर पेंशनरों में आक्रोश
वहीं, हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच की नालागढ़ इकाई ने अप्रैल की पेंशन न मिलने पर रोष जताया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंच के अध्यक्ष भीम सिंह ने कहा कि परिवहन निगम के पेंशनरों को 13 दिन बीत जाने के बाद भी अप्रैल की पेंशन नहीं मिली है। मंच पिछले लंबे समय से माह की पहली तारीख को पेंशन देने की मांग कर रहा है। एक जून 2015 से डीए एरियर और नए वेतनमान के एरियर का भुगतान शीघ्र किया जाए। एरियर की 50,000 रुपये की पहली किस्त जारी की जाए। कर्मचारियों के चिकित्सा बिल पिछले एक वर्ष से अधिक समय से लंबित हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने बिलों के लंबित भुगतान शीघ्र करने की मांग की है ताकि पेंशनर समय पर अपना उपचार कर सकें। साथ ही डीए का भुगतान शीघ्र किया जाए। वक्ताओं ने पंजाब की तर्ज पर 60, 65 और 70 वर्ष पूरा करने के बाद मिलने वाले पांच, दस और पंद्रह फीसदी भत्ते को मूल वेतन में जोड़ने की मांग की गई।