शिमला की रूबी भटनागर के बनाए चित्र खींच दर्शकों का ध्यान, प्रदर्शनी में 85 चित्र किए गए हैं प्रदर्शित
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सोलन के डीसी मनमोहन ने किया दर्शनी का शुभारंभ संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर के टेवरन हॉल में मंडला आर्टिस्ट रूबी भटनागर के सेक्रेड सर्किल मंडला आर्ट के चित्र आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। प्रदर्शनी में करीब 85 चित्र प्रदर्शित किए हैं। यह प्रदर्शनी महासू आर्ट सोसायटी शिमला के सौजन्य से लगाई गई है।
प्रदर्शनी का शुभारंभ सोलन के उपायुक्त आईएएस मनमोहन शर्मा ने किया। सेक्रेड सर्किल, रूबी भटनागर के मंडला आर्टवर्क का एक शानदार कलेक्शन है जिनकी कला भक्ति, ध्यान की लय और ज्योमेट्री को खूबसूरती से एक साथ जोड़ती है। प्रदर्शनी में लगाई गई कलाकृतियां सालों के अभ्यास, आध्यात्मिक खोज और कलात्मक निखार को दिखाते हैं। प्रदर्शनी में मंडला के सभी रूप दिखाए हैं और हर एक मंडला थीम तथा तकनीक में अलग है। इनमें पीकॉक मंडला शामिल हैं जो अपनी जीवंत, रत्न जैसी डिटेलिंग और सिंबॉलिक चमक के लिए मशहूर है। इसके साथ ही स्पिरिचुअल थीमैटिक मंडला का चित्र शिव शक्ति मंडला पवित्र श्री चक्र के जरिये चेतना और एनर्जी के कॉस्मिक मिलन को दिखाता है। वहीं बॉटनिकल डॉट मंडला के चित्र भी प्रदर्शित किए हैं जिनमें हजारों डॉट्स (बिंदुओं) के जरिये बनाया गया है। प्रदर्शनी के क्यूरेटर डॉ. भादर सिंह ने कहा कि रूबी के मंडला आर्ट में लाइन, रंग और रूप पर उनकी अच्छी पकड़ दिखती है जो बारीकी से की गई कला को एक विजुअल भाषा में बदल देती है जो मन को दिव्यता से जोड़ती है।
मंडला चित्र तीन साल की मेहनत : भटनागर
मंडला कलाकार रूबी भटनागर ने कहा कि वह शिमला की रहने वाली हैं। बचपन से ही उन्हें चित्रकला का शौक था लेकिन पिछले कुछ सालों से उनकी रुचि मंडला आर्ट में बढ़ी। प्रदर्शनी में प्रदर्शित मंडला चित्र उनकी तीन सालों की मेहनत है। मंडला चित्र बनाने में कभी एक सप्ताह तो कभी महीने का समय लग जाता है। हर आर्टवर्क गहन ध्यान, शांति और माइंडफुलनेस से बनाया है। हर मंडला में एक सोच और एक अभिव्यक्ति का समावेश है।