सचिन ने कहा कि देश युवा है। ऐसा माना जाता है कि देश फिट है। लेकिन, यह गलत है। क्योंकि, विश्व भर में डायबिटीज और ऑबेसिटी के मरीज भारत में सबसे ज्यादा हैं। बीमारियों से बचने के लिए युवाओं को खेल को जिंदगी का हिस्सा बनाना पड़ेगा। धर्मशाला में सांसद अनुराग ठाकुर ने विश्व का सुंदर क्रिकेट स्टेडियम बनाया है। लेकिन, यहां पर यदि खिलाड़ी खेलेंगे नहीं, तो इस स्टेडियम को कोई लाभ नहीं होगा।
सचिन ने खिलाड़ियों को कहा कि आगे बढ़ने के लिए मेहनत का कोई भी विकल्प नहीं है। नकल और शॉर्ट कट से सफलता हासिल नहीं की जा सकती है। इसके लिए केवल कड़ी मेहनत ही की जा सकती है। उन्होंने कहा कि इतना कड़ा अभ्यास करो कि मैच स्वयं ही आपको आसान लगे।
अखबार में नाम चमकाने की गलती की थी- कहा कि जब उन्होंने स्कूल स्तर पर पहला मैच खेला, तो उन्होंने 24 रन मारे थे। उस दौरान 30 रन मारने वाले खिलाड़ी का नाम अखबार में प्रकाशित किया जाता था। अखबार में नाम भेजने वाले व्यक्ति ने वाइड और अन्य एक्सट्रा रनों को मेरे नाम जोड़कर अखबार में नाम दे दिया। अगले दिन कोच ने पूछा-तुमने कितने रन मारे थे? मैंने कहा-24। कोच ने कहा-नाम का इतना ही शौक है, तो रन बनाओ।
1983 वर्ल्ड कप के बाद संजोया था सपना- स्कूल स्तर पर फुटबॉल, बैडमिंटन, खो-खो, कबड्डी सहित अन्य खेल खेलता था। 1983 में वर्ल्ड कप की जीत के बाद मैंने भी सपना संजोया कि इसी तरह वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाऊंगा। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया। इसमें कोच, बड़े भाई अजीत और माता-पिता का योगदान रहा।
सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि राज्यसभा में सांसद सचिन तेंदुलकर की ओर से खेलों को बढ़ावा देने के लिए दिए गए सुझावों पर उन्होंने अमल किया है। इसीलिए हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में खेल महाकुंभ करवाया जा रहा है। इसे आगे चलकर प्रदेश के अन्य संसदीय क्षेत्रों में भी आयोजित किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश के अन्य संसदीय क्षेत्रों के सांसदों से आगे आने का आह्वान किया है।
प्रदेश में खेल महाकुंभ के साथ करीब एक लाख खिलाड़ियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें विजेता खिलाड़ियों को बाइक और स्कूटी सहित अन्य इनामों से सम्मानित किया जाएगा। खेल महाकुंभ के शुभारंभ पर अनुराग ने कहा कि इसके माध्यम से हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से पंचायत स्तर पर खिलाड़ी भाग लेंगे। इसमें वॉलीबाल, फुटबॉल, बास्केटबाल, क्रिकेट, कबड्डी और एथलेटिक्स स्पर्धाएं होंगी। हर मैच में स्टार खिलाड़ी चयनित किया जाएगा।
स्टार खिलाड़ी का नाम एसोसिएशन को भेजा जाएगा। साथ ही विभिन्न खेलों में चयनित स्टार खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने को पांच साल में एक करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में आयोजित खेल महाकुंभ में 800 पंचायतों के 5000 गांवों से खिलाड़ी भाग लेंगे। इसके लिए चार मई से पंचायत स्तर पर पंजीकरण शुरू होगा।