राजधानी में लोगों से सब्जियों के मनमाने रेट वसूले जा रहे हैं। किसानों से औने-पौने दामों में सब्जियां खरीद कर रिटेल में पांच से दस गुणा अधिक दामों पर बेची जा रही हैं। प्रशासन ने रिटेलरों को पब्लिक से लूट की खुली छूट दे रखी है। मुनाफाखोरों पर कार्रवाई के नाम पर कोरी रस्म अदायगी की जा रही है।
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थोक बाजार में सब्जियों की कीमतें गिरने के बावजूद फुटकर बाजार में दाम कम नहीं हुए हैं। सब्जियों की कीमतें कम होने का लाभ आम आदमी को नहीं मिल पा रहा। फुटकर बाजार में लोगों से सब्जियों के मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। नियमों के तहत थोक मूल्य के मुकाबले दस फीसदी मुनाफे पर रिटेल में सब्जियां बेची जा सकती हैं।
लेकिन शिमला में फुटकर विक्रेता सब्जियों की कीमत मनमाने तरीके से तय कर रहे हैं। रिटेल में मनमाने दामों पर सब्जियां बेचने वालों के खिलाफ उनके खरीद बिल जांच कर कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन ऐसा करने की प्रशासन जहमत नहीं उठा रहा। लोअर बाजार सब्जी मंडी में एक ही सब्जी अलग-अलग दामों पर बेची जा रही है।
रेट लिस्ट नदारद, मनमानी की छूट- प्रशासन की ओर से सब्जी की दुकानों पर रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य किया गया है, बावजूद इसके कई दुकानों से रेट लिस्ट नदारद है। कुछ दुकानदारों ने रेट लिस्ट छिपा कर रखी होती है तो कुछ में सब्जियों के दाम इतने बारीक लिखे होते हैं कि ग्राहक के लिए रेट पढ़ पाना संभव नहीं होता।
तीन साल से अपडेट नहीं डिस्पले बोर्ड- फुटकर विक्रेताओं की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने तीन साल पहले लोअर बाजार सब्जी मंडी में थोक और रिटेल के रेट प्रदर्शित करने के लिए डिस्पले बोर्ड लगवाया था। कुछ दिन तो बोर्ड पर सब्जियों के रेट अंकित किए गए लेकिन पिछले करीब तीन साल से रेट अपडेट नहीं किए जा रहे।
बोर्ड पर डिसप्ले होंगे रेट, नियमित निरीक्षण भी होगा- डीसी दिनेश मल्होत्रा का कहना है कि सब्जी मंडी में अलग-अलग जगहों पर बोर्ड लगाकर सब्जियों के थोक और रिटेल रेट डिसप्ले किए जाएंगे। सब्जी की कीमतों को रोजाना अपडेट किया जाएगा। नियमित रूप से निरीक्षण कर मनमाने रेट वसूलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।