हिमाचल में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड में विभिन्न जिलों में सरकार सब्जी मंडी और सीए स्टोर बनाएगी। धर्मशाला में जून में होने वाली इन्वेस्टर मीट में भी पीपीपी मोड में सब्जी मंडी और सीए स्टोर बनाने का प्रस्ताव लाया जाएगा। विभिन्न जिलों में सरकार ने किसानों-बागवानों के लिए 50 सब्जी मंडियां तैयार की हैं।
राज्य में किसानों-बागवानों की जरूरत को देखते हुए सब्जी मंडियों की संख्या काफी कम है। आज भी अधिकांश किसानों-बागवानों को अपनी फसलें बेचने के लिए बाहरी राज्यों का रुख करना पड़ता है। राज्य में सीए स्टोर की उपलब्धता भी नाममात्र है। सरकार ने अभी तक कोई भी सीए स्टोर तैयार नहीं किया है।
सब्जी मंडियों और सीए स्टोर की बढ़ रही मांग
हिमाचल के विभिन्न भागों में सब्जी मंडियों और सीए स्टोर की मांग हर साल बढ़ती जा रही है। निजी क्षेत्र के साथ पीपीपी मोड में सब्जी मंडी और सीए स्टोर बनाने के प्रस्ताव सरकार के पास आ रहे हैं। सरकार किसानों-बागवानों की आय दोगुना करना चाहती है। इसके लिए फसलों का उत्पादन बढ़ाने के साथ सब्जी मंडियों और सीए स्टोर का ढांचा भी मजबूत बनाना जरूरी है।
क्या कहते हैं कृषि मंत्री
कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि सरकार पीपीसी मोड में सब्जी मंडी और सीए स्टोर बनाएगी। सरकार के पास प्रस्ताव आ रहे हैं। धर्मशाला के इन्वेस्टर मीट में सब्जी मंडी और सीए स्टोर के प्रस्ताव रखे जाएंगे।