राज्य निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने बताया कि निजी बीएड कॉलेजों को नियमानुसार परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाता है। अगर किसी कारणवश परीक्षा केंद्र बनाए भी जाए तो वहां परीक्षा लेने के लिए एचपीयू की ओर से केंद्र अधीक्षक और निरीक्षक नियुक्त किए जाते हैं।
हिमाचल प्रदेश के निजी शिक्षण संस्थानों में नकल के लिए नियम ताक पर रख दिए हैं। जिला शिमला के एक निजी बीएड कॉलेज में बरती जा रही इस तरह की बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस संस्थान में सोमवार को हुए एलएलबी के चौथे सेमेस्टर और बीएड की परीक्षा में परीक्षा निरीक्षक और केंद्र अधीक्षक संस्थान का अपना था। नकल की आशंका को समाप्त करने के लिए नियमों के मुताबिक हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अपने निरीक्षक और अधीक्षक होने चाहिए। जबकि आयोग की ओर से सोमवार को इस संस्थान में दी गई दबिश में नियमों की साफ तौर पर अनदेखी पाई गई। विनियामक आयोग ने विश्वविद्यालय के कुलपति को इस बाबत रिपोर्ट भेजते हुए कड़ाई बरतने की अपील की है।
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राज्य निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने बताया कि निजी बीएड कॉलेजों को नियमानुसार परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाता है। अगर किसी कारणवश परीक्षा केंद्र बनाए भी जाए तो वहां परीक्षा लेने के लिए एचपीयू की ओर से केंद्र अधीक्षक और निरीक्षक नियुक्त किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को आयोग की एक टीम ने जिला शिमला के एक निजी बीएड कॉलेज में दबिश दी। इस संस्थान में ली जा रही परीक्षा में बीएड कॉलेज के स्टाफ को ही केंद्र अधीक्षक और निरीक्षक नियुक्त किया गया था। आयोग अध्यक्ष ने बताया कि निजी संस्थान के अयोग्य स्टाफ को परीक्षा केंद्र में नियुक्ति नहीं दी जा सकती है। इस मामले पर कड़ा संज्ञान लिया गया है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी गई है।