बेरोजगारी भत्ते के लिए हिमाचल सरकार की ओर से लगाई गई शर्त से हजारों बेरोजगार युवाओं को अभी इंतजार करना पड़ेगा। शर्त के मुताबिक आवेदन तिथि से एक साल पहले रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत युवा ही बेरोजगारी भत्ते के लिए पात्र होंगे। आवेदक युवा सरकारी सेवा से बर्खास्त नहीं होने चाहिए और किसी जुर्म में दोषी पाए जाने वाले बेरोजगारों को भी भत्ता नहीं मिलेगा।
इस भत्ते के लिए बेरोजगार होने की स्थिति में पति-पत्नी दोनों की ही सालाना आमदनी दो लाख रुपये से कम होनी चाहिए। उधर, राज्य के रोजगार केंद्रों में पिछले दस महीनों में करीब डेढ़ लाख नए बेरोजगारों का नाम दर्ज किया गया है। इनमें हजारों बेरोजगार प्लस टू पास हैं। ये एक साल पहले पंजीकरण की शर्त पूरा नहीं करते। इन्हें अभी बेरोजगारी भत्ते के लिए इंतजार करना पड़ेगा। बजट घोषणा के एक महीने बाद राज्य सरकार ने भत्ते की पात्रता शर्तें तय की हैं।
कांगड़ा में सबसे ज्यादा 37,053 बेरोजगार दर्ज
हिमाचल प्रदेश सरकार
रोजगार केंद्रों में एक अप्रैल 2016 से लेकर 31 जनवरी 2017 के बीच कुल 1,52,575 बेरोजगारों का पंजीकरण किया गया है। इनमें से बिलासपुर जिले में 6,800, चंबा जिले में 9,761, हमीरपुर जिले में 10,945, कांगड़ा जिले में 37,053, किन्नौर जिले में 1,551, कुल्लू में 8,853, लाहौल स्पीति में 1,239, मंडी में 29,755, शिमला में 13,815, सिरमौर में 10,743, सोलन में 10,827 और ऊना जिले में 11,233 बेरोजगारों को पंजीकृत किया गया है।
फरवरी, मार्च में नाम दर्ज करने वाले बढ़े, जिलों से जानकारी मांगी
हिमाचल के रोजगार केंद्रों में फरवरी और मार्च महीनों में नाम दर्ज करने वालों की संख्या काफी बढ़ी है। राज्य सरकार के श्रम एवं रोजगार विभाग ने जिला रोजगार अधिकारियों से इसकी जानकारी मांगी है। उसी के बाद नए पंजीकृत बेरोजगारों का असल आंकड़ा मिल पाएगा। इसी वर्ष फरवरी महीने के बाद ही कांग्रेस मेनिफेस्टो की बेरोजगारी भत्ता देने की प्रमुख घोषणा ने तूल पकड़ा था। इसी बीच धड़ाधड़ पंजीकरण भी हुए हैं।