फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल विस सत्र: इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष में हुई जोरदार बहस

Tue, 05 Feb 2019 03:18 PM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन

केंद्र व प्रदेश की महत्वाकांक्षी उज्जवला और मुख्यमंत्री गृहणी योजना पर सवाल उठने पर मंगलवार को खाद्य आपूर्ति मंत्री किशन कपूर ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।

विज्ञापन


शिलाई से विधायक हर्षवर्धन चौहान के योजना को लागू करने में देरी का सवाल उठाने पर कपूर ने कहा कि वर्तमान सरकार वह काम कर रही है जो आप पिछले 60 साल में नहीं कर सके।

वहीं, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि 2019 खत्म होने से पहले सूबे का एक भी घर घरेलू गैस कनेक्शन से अछूता नहीं रहेगा। दरअसल, पांवटा से विधायक सुखराम ने दोनों ही योजनाओं के तहत कनेक्शन वितरण में एपीएल वर्ग को हो रही दिक्कतों पर मंत्री किशन कपूर से अनुपूरक सवाल किया।
विज्ञापन


कहा कि पंचायत स्तर पर चयन के बाद वितरण के समय पहले बीपीएल व अन्य श्रेणियों को कनेक्शन दिए जा रहे हैं जिससे एपीएल श्रेणी के लोग मायूस हो रहे हैं। कहा कि सभी को वितरण समान प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए।

सुखराम के सवाल पर कपूर ने विचार करने का आश्वासन दिया। इस बीच कांग्रेस विधायक हर्षवर्धन ने मुख्यमंत्री गृहिणी योजना में कनेक्शन लंबित होने का कारण पूछा। साथ ही पिछड़े जिलों में ज्यादा लंबित मामलों पर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठा दिए।

सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठते ही कपूर ने कहा कि जिस योजना को एक साल भी पूरा नहीं हुआ उसके तहत सरकार अभी तक 48 हजार कनेक्शन बांट चुकी है।

तंज कसते हुए कहा कि जो काम आप 60 साल में नहीं कर सके हमें करने के लिए एक साल का भी समय नहीं दे रहे। विवाद बढ़ने पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मोर्चा संभालते हुए कहा कि 2019 के अंत तक प्रदेश का हर घर घरेलू गैस कनेक्शन से लैस होगा।

हार्ट, मधुमेह मरीजों की भी स्वाइन फ्लू से मौत

सूबे में तेजी से फैल रहे स्वाइन फ्लू पर मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने विधानसभा में हल्की नोकझोंक के बीच स्थिति साफ की। परमार ने कहा कि हिमाचल में स्वाइन फ्लू से जो मौतें हुई हैं, उनमें कई मरीज मधुमेह, हार्ट और अन्य बीमारियों से ग्रसित थे।

स्वाइन फ्लू का वायरस बीमारियों से ग्रसित लोगों के शरीर में आसानी से प्रवेश कर जाता है। शरीर में वायरस से लड़ने की क्षमता कम होने की वजह से ही प्रदेश में 16 लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।

स्वाइन फ्लू महामारी नहीं है। हिमाचल ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के लोग भी इस बीमारी से ग्रसित हैं। स्वास्थ्य मंत्री की ओर से विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों पर हल्की नोकझोंक भी हुई।

 
विज्ञापन

हिमाचल में पिछले 5 साल से फैल रहा स्वाइन फ्लू 

नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि आंकड़े दिखाकर आप क्या जताना चाहते हैं? हिमाचल में स्वाइन फ्लू पर अंकुश नहीं लग रहा है। परमार ने सदन को अवगत कराया कि प्रदेश में पिछले 4 सालों से स्वाइन फ्लू फैल रहा है।

वर्ष 2015 में 123, वर्ष 2016 - 14, 2017 - 77, 2018 - 7 मामले सामने आए थे। इस साल 115 के करीब लोग इस बीमारी की चपेट में आए हैं। इस साल आठ जनवरी को पहला मामला सामने आया। 

3 फीट की दूरी बनाकर रखें मरीजों से 
लोगों को इस बीमारी से ग्रसित मरीजों से 3 फीट की दूरी बनाई रखनी चाहिए। यह बीमारी हवा में फैलती है। मरीजों के छींकने, खांसने से बीमारी का वायरस दूसरे के शरीर में प्रवेश कर जाता है।

पंजाब में हुईं सबसे ज्यादा मौतें 
परमार ने कहा कि ऐसा नहीं है कि स्वाइन फ्लू का प्रकोप हिमाचल में ही है। यह बीमारी बाहरी राज्यों में भी फैली है। 27 जनवरी तक पंजाब में 164 मामले सामने आए हैं और 26 लोगों मौत हुई है जबकि हरियाणा में 363 और 2 लोगों की मौत, उत्तराखंड में 17 मामले और एक की मौत, चंडीगढ़ में 10 मामले सामने आए हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें