कागजी कार्रवाई के नाम पर पुलिस ने कांग्रेस से संबंध रखने वाले पंचायत प्रधान रणविजय पर झूठा केस बना दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक अपनी हार की भड़ास अब आम आदमी से निकाल रहे हैं।
हार के बाद भी उनका रवैया नहीं सुधरा है। रायजादा ने कहा कि पूर्व विधायक सतपाल सिंह सत्ती को अब अपने घर आराम से बैठ जाना चाहिए। कहा कि सत्ती अपनी हार को स्वीकार नहीं कर रहे हैं और अधिकारियों व कर्मचारियों को तबादले की धमकियां दे रहे हैं।
यदि पुलिस ने इस झूठे केस को वापस न लिया तो कांग्रेस एक उग्र आंदोलन शुरू करेगी। इसकी जिम्मेवारी प्रशासन और पुलिस की होगी। एसपी ने विधायक सतपाल सिंह रायजादा को मामले में शीघ्र उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर मामला शांत हो सका। वहीं, एसपी दिवाकर शर्मा ने इस मामले की जांच का जिम्मा एएसपी अमित शर्मा को सौंपा गया है। एसपी ने कहा कि पुलिस निष्पक्षता से काम कर रही है।
भाजपा के जिलाध्यक्ष बलवीर बग्गा, ऊना मंडल अध्यक्ष रमेश भड़ोलियां, जिला उपध्यक्ष सागर दत्त भारद्वाज, महामंत्री भजन मान, तिलक राज सैनी, अंबिका दत्त, जिला परिषद अनुराधा ऐरी, सुनीता देवी, रितिका भारद्वाज, अशोक धीमान, अशोक ठाकुर, सुमित शर्मा, सतीश बनगढ़ बलविंद्र गोल्डी, राजेश कौशल,
नरेश जसवाल, राहुल देव शर्मा, अजय चौधरी, खामोश जैतक, मोहित बेदी, विकास शर्मा और वरुण मेहन ने कांग्रेस विधायक सतपाल रायजादा पर माफिया को संरक्षण देने का आरोप जड़ा है।
उन्होंने कहा कि जब-जब पुलिस ने ऊना में माफिया के खिलाफ कार्रवाई की, सतपाल रायजादा ने पुलिस पर अनुचित दबाव बनाने का प्रयास किया। सोमवार को भी रायजादा ने इसी के चलते सारा ड्रामा रचा और एसपी कार्यालय में हंगामा किया।