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कौशल विकास भत्ते पर मंत्री नहीं दे पाए जवाब, सदन में जमकर हंगामा

Thu, 30 Mar 2017 09:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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कौशल विकास निगम के तहत युवाओं को दिए जा रहे भत्ते पर सदन में जमकर हंगामा हुआ। भाजपा विधायकों ने सरकार पर चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए इन संस्थानों में प्रशिक्षण देने का काम सौंपने का आरोप लगाया। विपक्ष ने इस योजना को बड़ा घोटाला बताकर जांच मांगी। दरअसल, भाजपा विधायक हंसराज, महेंद्र सिंह और बिक्रम जरयाल ने उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री से प्रश्न किया
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कि कौशल विकास के तहत कितने बेरोजगारों को रोजगार दिया, लाभार्थियों ने किन-किन संस्थानों में ट्रेनिंग ली। पंजीकरण के समय संस्थानों का कितना-कितना बिल्टअप एरिया था? इस पर उद्योग मंत्री बोले- भाजपा विधायक ने जितनी जानकारी मांगी है, अगर सरकार का पूरा अमला भी जानकारी जुटाने में लग जाए तो 6 महीने से पहले सूचना देना असंभव है। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट भाजपा विधायकों ने हंगामा किया।
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आरोप, प्रशिक्षण संस्‍थानों में रखे गए लोग योग्य नहीं

नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि सरकार ने जो संस्थान प्रशिक्षण के लिए खोले हैं, उनमें प्रशिक्षण देने वाले योग्य नहीं हैं। महेंद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल में एक ही संस्थान 90 सेंटर चला रहा है। जांच के बाद इसे बंद कर दिया था। मुकेश बोले- भाजपा विधायकों ने जो सवाल किया है, वह अव्यवहारिक है।

सचिवालय प्रशासन को चाहिए था कि विधानसभा सचिवालय में इस तरह का सवाल नहीं आना चाहिए था। आज तक विस में ऐसा प्रश्न नहीं लगा है। कौशल विकास भत्ते में घपले का सवाल ही पैदा नहीं होता। पैसा संस्थान को नहीं, बल्कि अभ्यर्थियों के खाते में आता है। सरकार ने 1 लाख 55 हजार युवाओं को लाभ दिया है।

इस योजना में एक करोड़ 24 लाख बांटे गए हैं। भाजपा विधायक रविंद्र रवि ने कहा कि सदस्यों के प्रश्न के उत्तर में सूचना एकत्र करने की बात कही गई है। प्रश्न को चले हुए 15 मिनट हो गए हैं। मंत्री प्रश्न का जवाब दे रहे हैं तो उत्तर में सूचना एकत्र करने की बात कहने का क्या मतलब है। इससे साफ जाहिर है कि बात छुपाई जा रही है।
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