कौशल विकास निगम के तहत युवाओं को दिए जा रहे भत्ते पर सदन में जमकर हंगामा हुआ। भाजपा विधायकों ने सरकार पर चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए इन संस्थानों में प्रशिक्षण देने का काम सौंपने का आरोप लगाया। विपक्ष ने इस योजना को बड़ा घोटाला बताकर जांच मांगी। दरअसल, भाजपा विधायक हंसराज, महेंद्र सिंह और बिक्रम जरयाल ने उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री से प्रश्न किया
कि कौशल विकास के तहत कितने बेरोजगारों को रोजगार दिया, लाभार्थियों ने किन-किन संस्थानों में ट्रेनिंग ली। पंजीकरण के समय संस्थानों का कितना-कितना बिल्टअप एरिया था? इस पर उद्योग मंत्री बोले- भाजपा विधायक ने जितनी जानकारी मांगी है, अगर सरकार का पूरा अमला भी जानकारी जुटाने में लग जाए तो 6 महीने से पहले सूचना देना असंभव है। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट भाजपा विधायकों ने हंगामा किया।