मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा परिसर में ऊर्जा की बचत के लिए रियायती दरों पर एलईडी टयूब लाइट और ऊर्जा कुशल फैन बांटने की योजना की शुरुआत की। इन्हें वारंटी के साथ रियायती दरों पर दिया जाएगा। उन्होंने ‘उन्नत जीवन बाय एफोर्डेबल एलईडी एंड एप्लाइंसिस फॉर ऑल’ (उजाला) योजना के तहत एलईडी टयूब लाइट और ऊर्जा कुशल फैन बांटने की बात की और कहा कि यह पुराने घरेलू कुशल बिजली कार्यक्रम का ही विस्तार है।
सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि ‘उजाला’ सरकार की ऊर्जा संरक्षण पहल का एक अभिन्न अंग है और राज्य के लोगों की ओर से इसे सफलतापूर्वक अपनाया गया है। नवीन ऊर्जा व्यापार मॉडल के पूरे राज्य में ऊर्जा बचत के उपायों के कारगर कार्यान्वयन में सहायक सिद्ध होगा। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय का सार्वजनिक उपक्रम ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड इस कार्यक्रम को पूरे प्रदेश राज्य सरकार एवं एचपीएसपीबीएल के साथ कार्यान्वित करेगा।
उन्होंने कहा कि इस पहल का शुभारंभ 2015-16 के बजट में एलईडी बल्बों के वितरण के रूप में किया गया है। 12 लाख उपभोक्ताओं को लगभग 74 लाख बल्ब वितरित किए गए हैं। इससे लगभग 150 मिलियन यूनिट प्रति वर्ष ऊर्जा की बचत हुई। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि एलईडी बल्ब वितरण कार्यक्रम की तरह इस नई पहल को भी सफलता हासिल होगी।
वारंटी के साथ टयूबलाइट 230 रुपये और पंखा 1150 रुपये में मिलेगा
ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया
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ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से ऊर्जा कुशल एलईडी टयूब लाइट वितरित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि एक टयूबलाइट 230 रुपये में तीन साल की मुफ्त प्रति स्थापना वारंटी सहित मिलेगी।
पारंपरिक 75 वॉट छत के पंखे को बीईई पांच सतारा 50 वॉट के पंखे से बदलने के लिए 1150 रुपये खर्च होंगे जिसके साथ दो साल की मुफ्त प्रति स्थापना वारंटी मिलेगी। इससे 33 प्रतिशत बिजली की बचत होगी।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को बुधवार को शिमला से आरंभ किया गया है और सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से कार्यान्वित किया जाएगा। इस मौके पर मुख्य सचिव वीसी फारका, अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा और एचपीएसपीबीएल अध्यक्ष तरुण श्रीधर के अलावा बिजली बोर्ड से पीसी नेगी, आरके शर्मा, कुमुद सिंह और ईईएसएल के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।