विपक्ष के इन आरोपों के बाद मुख्यमंत्री ने भी कांग्रेस विधायकों को खरी-खरी सुनाई। मुख्यमंत्री ने कहा, विपक्ष झूठी आशंका से ग्रस्त है। जब कांग्रेस सत्ता में आई तो 3 महीने में ही 6876 तबादले कर दिए। इस पर मुकेश बोले- सीएम के बयान से यह साफ लग रहा है कि सरकार पर तबादलों को लेकर कितना दबाव है।
हंगामे के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि तबादला साधारण प्रक्रिया है। यह पूर्व में भी होता रहा है। अभी भी हो रहा है। यह भी देखने में आया है कि तबादलों से ही विधायकों को आंका जाता है।
सत्ता पक्ष और विपक्ष को मिलकर तबादलों पर अंकुश लगाना होगा। कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जनता विधायक की ताकत को तबादलों से आंकती है। विधायक कितने समय में तबादला करवा देता है। इससे उनकी शक्ति का पता लगाते हैं।
विधायक हर्षवर्धन ने अनुपूरक प्रश्न में पूछा कि क्या सरकार तबादलों पर अंकुश लगाने को कोई एक्ट लाएगी या इसके पीछे उनकी कोई मंशा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस पर चुप्पी साधे रखी।
पूर्व सरकार का तबादला रिकार्ड
वर्ष तबादले
2013 29642
2014 16725
2015 19457
2016 25899
2017 31889