जिला कांग्रेस के महासचिव विवेक मिंका ने इस पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिसने भी पोस्टर तैयार किए हैं वे गलत हैं और इसकी जांच हो। पाटिल ने पूर्व सीएम का पार्टी के साथ होने का दावा करते हुए कहा कि वीरभद्र सिंह से बाकायदा सम्मेलन के आयोजन को लेकर चर्चा की गई, लेकिन वह व्यस्तता के चलते नहीं आ पाए।
सुक्खू ने कहा कि वीरभद्र सिंह सम्मानित नेता हैं। उनके व्यक्तिगत तौर पर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन पार्टी उनके मार्गदर्शन में ही आगे बढ़ेगी। अधिवेशन में बिलासपुर के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर को लोकसभा टिकट देने की मांग को लेकर उनके समर्थक कार्यकर्ता नारेबाजी करते सम्मलेन कक्ष में जा पहुंचे।
इस पर सुक्खू ने उन्हें फटकार लगाई। सुक्खू ने कहा कि ऐसे प्रदर्शनों और अधिवेशनों में पार्टी टिकट नहीं दिए जाते। बहरहाल, कांग्रेस अधिवेशन में नारेबाजी और वीरभद्र गुट की अनदेखी से पार्टी में दरार उभर कर सामने आई।