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देश को एक और बीमारी से मुक्त कराने की तैयारी, बच्चों को लगेंगे टीके

Thu, 06 Apr 2017 01:28 PM IST
हरीश चन्द्र/अमर उजाला, मंडी
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केंद्र सरकार ने देश को पोलियो की तर्ज पर खसरा और रूबेला रोग मुक्त बनाने की योजना बनाई है। अब बच्चों को नौवें महीने और डेढ़ साल की आयु में लगने वाले खसरा रोग के टीके के साथ रूबेला रोग का टीका भी लगाया जाएगा।
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इसके लिए अब एक ही टीका तैयार किया है। इससे बच्चों में खसरा रोग सहित रूबेला रोग न होने का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाएगा। वर्तमान में बच्चों को रूबेला रोग का कोई टीका नहीं लगाया जाता है। जिस प्रकार भारत पोलियो मुक्त हुआ है, ठीक उसी प्रकार अब केंद्र सरकार ने देश को खसरा तथा रूबेला रोग मुक्त बनाने की योजना बनाई है।

हिमाचल में भी स्वास्थ्य विभाग ने खसरा और रूबेला रोग को जड़ से खत्म करने के लिए कवायद शुरू कर दी है।  पहले चरण में प्रदेश में नौ माह से 15 साल तक के हर बच्चों को खसरा तथा रूबेला रोग का एकमुश्त टीकाकरण किया जाएगा।
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इसके लिए स्वास्थ्य विभाग अप्रैल और मई महीने में जागरूकता अभियान शुरू करेगा। उसके बाद 15 साल तक के बच्चों का 100 प्रतिशत टीकाकरण किया जाएगा। विभाग जागरूकता अभियान प्रदेश के सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्र में चलाएगा। जागरूकता अभियान में आशा, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के अलावा पंचायत प्रतिनिधियों, स्कूल के शिक्षकों का भी सहयोग लिया जाएगा।
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यहां जानिए, क्या है खसरा और रूबेला रोग

बच्चों में खसरा रोग होने के कई लक्षण हैं, जिसमें बच्चे को तेज बुखार, शरीर में लाल चकते, निमोनिया, अंधापन मुख्य है। रूबेला रोग में बच्चा जन्मजात सिंड्रोम, अंधापन, बहरापन, हृदय की समस्या, लासिका ग्रंथी में शोथ आदि है।

भारत में प्रतिवर्ष लगभग एक लाख बच्चों की मौत खसरा रोग से होती है। यह रोग वायरस के कारण फैलता है। बच्चों में वायरस को रोकने की कम क्षमता होने के कारण उनमें जल्द फैलती है। 

भारतीय बाल अकादमी के प्रदेशाध्यक्ष एवं जोनल अस्पताल मंडी के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नागराज पवार ने कहा कि बच्चों को खसरा तथा रूबेला मुक्त करने के लिए अभियान शुरू किया जा रहा है।

नौ माह से 15 साल तक के सभी बच्चों को दोनों रोग का एक टीका लगाया जाएगा। इसके बाद पोलियो की तर्ज पर यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। बाद में नौ माह व डेढ़ वर्ष में ही यह टीका बच्चों को लगाया जाएगा।
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