घणाहट्टी-कालीहट्टी-अर्की सड़क पर खर्च होंगे 61.18 लाख रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला से सटे शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के लोक निर्माण विभाग के धामी डिवीजन में अक्तूबर से शुरू हो रहे टारिंग सीजन में खस्ताहाल सड़कों की हालत सुधारी जाएगी। सड़कों में हुए गड्ढों के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
लोक निर्माण विभाग 14 सड़कों पर करीब चार करोड़ रुपये खर्च कर टारिंग, पैचवर्क और रखरखाव का कार्य करवाएगा। इसके साथ ही बरसात में क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत भी की जाएगी। विभाग ने इन सड़कों की मरम्मत और रखरखाव के कार्यों के लिए आवंटित टेंडर कॉल कर दिए हैं। इसके लिए तीन अक्तूबर तक निविदाएं जमा करवाने की समय सीमा तय की गई है। पांच अक्तूबर को निविदाएं खोली जाएंगी और इसके बाद कार्यों का आवंटन किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग के धामी डिवीजन के तहत सड़कों की टारिंग और रखरखाव के कार्य किए जाएंगे।
घणाहट्टी-कालीहट्टी-अर्की रोड पर 61.18 लाख रुपये, कंडा-लादवी-कुनिहार सड़क पर 54.84 लाख रुपये, शिमला-नालागढ़ रोड पर 49 लाख रुपये और बनूटी-पाहल सड़क पर 35 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा हीरानगर पेट्रोल पंप-जबलोग, बनूटी-नगर माता मंदिर और पंती लिंक रोड पर 34 लाख रुपये, शिल्ली-भवाना सड़क पर 30 लाख रुपये और प्वाबो सड़क पर 22 लाख रुपये खर्च होंगे। समरहिल-सांगटी सर्कुलर रोड पर बारिश से हुए नुकसान के बाद रखरखाव के लिए 18 लाख रुपये खर्च होंगे। राजधानी शिमला के एमएलए क्रॉसिंग से तवी तक की सड़क पर 17 लाख रुपये, सांगटी-नेरी सड़क पर 15 लाख रुपये, हीरानगर-जतोग सड़क पर 13 लाख रुपये और मैहताई-भवाड़ा सड़क पर 10 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
आमंत्रित किए हैं कार्य के टेंडर
लोक निर्माण विभाग के डिवीजन-3 के अधिशासी अभियंता एवं धामी डिवीजन के कार्यकारी अधिशासी अभियंता प्रवीण वर्मा ने बताया कि सड़कों की टारिंग और वार्षिक रखरखाव के लिए टेंडर कॉल किए हैं। जल्द ही कार्य आवंटित कर इस सीजन में इन्हें पूरा किया जाना है। इन कार्यों को 15 दिन में पूरा करने की समय सीमा तय की है।