हिमाचल प्रदेश पुलिस को सरकार ने आधारभूत ढांचा निर्माण और उसे मजबूत करने के लिए 126 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। साथ ही सरकार ने इस वित्त वर्ष के लिए पुलिस को 51 करोड़ भी जारी किए हैं। यह राशि चौकी, थानों के अलावा आवासीय परिसरों के निर्माण और उनकी के लिए इस्तेमाल की जा सकेगी। राशि जारी होने के बाद पुलिस को मेंटनेंस व रिपेयर के काम की रफ्तार बढ़ाने और लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने पर जोर देना होगा। डीजीपी पहले ही अधिकारियों को विकास कार्यों का नियमित निरीक्षण कर ठेकेदारों से काम तेजी से कराने के निर्देश दे चुके हैं।
पिछले कुछ सालों में हर साल पुलिस महकमे ने करोड़ों का बजटसरेंडर किया है। वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान पुलिस ने 33.85 करोड़, 2017-18 में 72.68 करोड़ और साल 2018-19 में 145.27 करोड़ से ज्यादा की राशि सरेंडर की थी। विधानसभा की प्राक्कलन समिति ने नाराजगी जताई थी कि पुलिस जिन निर्माण एजेंसियों से काम कराती है, उनकी लेटलतीफी की वजह से न सिर्फ लागत बढ़ती है, बल्कि उससे पुलिस कर्मियों को भी परेशानी होती है। कई कार्य तो ऐसे भी हैं, जो साल 2014 से चलने के बावजूद पूरे नहीं हो सके थे। समिति ने सिफारिश की थी पुलिस महकमा ऐसे लेटलतीफ ठेकेदारों को पेनल्टी लगाकर कार्य को दूसरे ठेकेदार को दे दे। इसके बाद डीजीपी संजय कुंडू ने प्रदेश भर में चल रहे निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए थे।