पर्यटन सीजन में 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा के लिए बुक होने वाले ऑनलाइन परमिट कैंसल होने पर अब सैलानियों को अपने पैसे वापस लेने के लिए पर्यटन विभाग और प्रशासन के फेर में उलझना नहीं पड़ेगा। ऑनलाइन बुकिंग के बाद परमिट कैंसल होने पर सैलानियों को उनका पैसा तुरंत मिल जाएगा। परमिट कैंसल होने की सूरत में उन्हें ऑटो रिफंड हो जाएगा।
जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग ने बैंक, एनआईसी से मिलकर इसकी तैयारी कर ली है। वेबसाइट को अपडेट कर इसमें ऑटो रिफंड का ऑप्शन मिलने से परमिट कैंसल होने के बाद रिफंड की समस्या से जूझने वाले सैलानियों सहित स्थानीय पर्यटन कारोबारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। आम तौर पर रोहतांग के लिए परमिट कैंसल होने के बाद रिफंड में करीब 48 घंटे लग जाते थे।
ऐसे में परमिट में पैसे गंवा चुके लोगों को कभी पर्यटन विभाग तो कभी जिला प्रशासन के कार्यालय में फोन के माध्यम से इसकी सूचना देकर प्रक्रिया को पूरा करने के बाद ही पैसा रिफंड हो पाता था। रोहतांग के लिए एनजीटी के आदेश पर प्रतिदिन 1200 गाड़ियों को भेजा जाता है।
इसके लिए ऑनलाइन परमिट जारी किया जाता है। इनमें आठ सौ पेट्रोल और चार सौ डीजल वाहन शामिल हैं। इस बार रोहतांग दर्रा में 20 से 25 फीट तक बर्फ की मोटी परत है। रोहतांग में जून तक बर्फ रहने के आसार हैं। ऐसे में पर्यटन सीजन इस बार लंबा चलेगा।
उधर, जिला पर्यटन अधिकारी बीसी नेगी ने कहा कि रोहतांग के लिए परमिट कैंसल होने की स्थिति में पैसा ऑटो रिफंड हो जाएगा। परमिट का पैसा रिफंड में होने में इस बार देरी नहीं होगी। इसके लिए बैंक, एनआईसी के साथ मिलकर तैयारी कर ली गई है।