मौसम ने साथ दिया तो बर्फ से बंद रोहतांग दर्रे की बहाली अप्रैल महीने में हो जाएगी। बीआरओ ने कोकसर की ओर से भी मिशन रोहतांग बहाली को अंजाम दे दिया है। नार्थ पोर्टल को जोड़ने के बाद अब 94 आरसीसी ने कोकसर से ग्रांफू के बाईपास और कोकसर से ग्रांफू की ओर ताकत झोंक दी है। मशीनरी के साथ बर्फ हटाने में जुटा सीमा सड़क संगठन का अमला अब लक्ष्य से मात्र 30 किलोमीटर दूर है। बीआरओ ने दोनों तरफ करीब 40 किलोमीटर के हिस्से से बर्फ को हटा दिया है। ऐसे में उम्मीद है कि मौसम ने साथ दिया तो अप्रैल के पहले सप्ताह तक दर्रा बहाल हो सकता है।
पुलिस सहायता केंद्र सिस्सू स्थित हेड कांस्टेबल रजनी कांत ने बताया कि 94 आरसीसी ने कोकसर से आठ किलोमीटर दूर सड़क से बर्फ हटाकर अटल रोहतांग सुरंग निर्माण स्थल तक यातायात बहाल कर दिया है। यहां से आगे 70 आरसीसी की टीम को कोकसर से तांदी को जोड़ने के लिए लाथर नाले में आए भारी हिमखंड को हटाने का काम युद्घस्तर पर चल रहा है। पिछले दो सप्ताह में हुई ताजा बर्फबारी के कारण दर्रा बहाली से जुड़ी बीआरओ की मुहिम दो बार बाधित हुई है। अब फिर से तीसरी बार बीआरओ कोठी और कोकसर से बर्फ हटाने में जुटा है।
बीआरओ के 38 सीमा सड़क कृतिक बल के कमांडर कर्नल उमाशंकर ने बताया पिछले दिनों भारी बर्फबारी के चलते बार-बार टीम को पीछे हटना पड़ा। उन्होंने बताया कि मनाली से कोकसर तक 40 किलोमीटर की दूरी बीआरओ की टीम 94 और 70 आरसीसी ने तय कर ली है। रोहतांग को बहाल करने के लिए दोनों ओर मात्र 30 किलोमीटर से बर्फ हटाना बाकी है। उन्होंने कहा कि विकट हालात और शून्य तापमान में भी बीआरओ टीम के हौसले बुलंद है। बर्फ हटाने में जुटी बीआरओ की टीम शनिवार शाम तक मढ़ी स्थित कैंप पहुंच जाएगी।